टूल्स

जन्म नक्षत्र कैलकुलेटर: जन्म तिथि और समय से नक्षत्र, चरण, राशि और नाम का अक्षर

टूल्स · theAsianparent · अपडेट किया गया

Google पर पसंदीदा

जन्म तिथि और समय — बस इतने से नक्षत्र, चरण, राशि और नाम का पहला अक्षर. और साथ में वह चीज़ जो कोई नहीं देता: नक्षत्र के शुरू-ख़त्म होने का ठीक समय, पंचांग से मिलान के लिए.

नक्षत्र निकालें

जन्म तिथि और समय डालें — नक्षत्र, चरण, राशि और नाम का पहला अक्षर यहीं मिलेगा. समय पता न हो तो भी चलेगा; हम साफ़ बता देंगे कि तब जवाब कितना पक्का है.

27 नक्षत्र — राशि, चरण और नाम का अक्षर (तालिका)
नक्षत्रचरणराशिअक्षर
अश्विनी1मेषचू
2मेषचे
3मेषचो
4मेषला
भरणी1मेषली
2मेषलू
3मेषले
4मेषलो
कृत्तिका1मेष
2वृषभ
3वृषभ
4वृषभ
रोहिणी1वृषभ
2वृषभवा
3वृषभवी
4वृषभवू
मृगशिरा1वृषभवे
2वृषभवो
3मिथुनका
4मिथुनकी
आर्द्रा1मिथुनकू
2मिथुन
3मिथुन
4मिथुन
पुनर्वसु1मिथुनके
2मिथुनको
3मिथुनहा
4कर्कही
पुष्य1कर्कहू
2कर्कहे
3कर्कहो
4कर्कडा
आश्लेषा1कर्कडी
2कर्कडू
3कर्कडे
4कर्कडो
मघा1सिंहमा
2सिंहमी
3सिंहमू
4सिंहमे
पूर्वा फाल्गुनी1सिंहमो
2सिंहटा
3सिंहटी
4सिंहटू
उत्तरा फाल्गुनी1सिंहटे
2कन्याटो
3कन्यापा
4कन्यापी
हस्त1कन्यापू
2कन्या
3कन्या
4कन्या
चित्रा1कन्यापे
2कन्यापो
3तुलारा
4तुलारी
स्वाती1तुलारू
2तुलारे
3तुलारो
4तुलाता
विशाखा1तुलाती
2तुलातू
3तुलाते
4वृश्चिकतो
अनुराधा1वृश्चिकना
2वृश्चिकनी
3वृश्चिकनू
4वृश्चिकने
ज्येष्ठा1वृश्चिकनो
2वृश्चिकया
3वृश्चिकयी
4वृश्चिकयू
मूल1धनुये
2धनुयो
3धनुभा
4धनुभी
पूर्वाषाढ़ा1धनुभू
2धनुधा
3धनुफा
4धनुढा
उत्तराषाढ़ा1धनुभे
2मकरभो
3मकरजा
4मकरजी
श्रवण1मकरखी
2मकरखू
3मकरखे
4मकरखो
धनिष्ठा1मकरगा
2मकरगी
3कुंभगू
4कुंभगे
शतभिषा1कुंभगो
2कुंभसा
3कुंभसी
4कुंभसू
पूर्वा भाद्रपदा1कुंभसे
2कुंभसो
3कुंभदा
4मीनदी
उत्तरा भाद्रपदा1मीनदू
2मीन
3मीन
4मीन
रेवती1मीनदे
2मीनदो
3मीनचा
4मीनची

गणना लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश पर आधारित है — भारत सरकार की पंचांग सुधार समिति ने यही स्वीकारा है. रामन, कृष्णमूर्ति जैसी दूसरी पद्धतियों में एक-दो अंश का फ़र्क़ आता है; सीमा के पास जन्म हो तो नक्षत्र ही बदल सकता है. यह परंपराओं का फ़र्क़ है, ग़लती नहीं. आपके परिवार के ज्योतिषी कुछ और कहें, तो उनसे पूछिए कि वे कौन सा अयनांश इस्तेमाल करते हैं.

यह कैलकुलेटर समय क्यों माँगता है

नक्षत्र निकालने वाले ज़्यादातर मुफ़्त कैलकुलेटर सिर्फ़ तारीख़ पूछते हैं. चंद्रमा एक नक्षत्र क़रीब साढ़े चौबीस घंटे में पार करता है — यानी हर दिन कहीं न कहीं नक्षत्र बदलता है, और सिर्फ़ तारीख़ से निकाला जवाब सिक्का उछालने जैसा हो सकता है.

इसलिए यह साधन समय भी माँगता है. समय पता न हो तो हम दोपहर 12 बजे मानकर गणना करते हैं — और यह बात छिपाते नहीं, नतीजे के साथ लिखते हैं. साथ में नक्षत्र की शुरुआत-अंत का ठीक समय भी दिखता है, ताकि घर के पंचांग से मिलान हो सके.

गणना लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश से होती है — वही जो भारत सरकार की पंचांग सुधार समिति ने स्वीकारा है. परिवार के ज्योतिषी का जवाब अलग आए तो वजह अक्सर अयनांश की पद्धति होती है, ग़लती नहीं.

नक्षत्र से नाम तक

परंपरा में जन्म नक्षत्र का चरण नाम का पहला अक्षर तय करता है — हर चरण का अपना अक्षर है, और चारों की तालिका नीचे के हर नक्षत्र-पन्ने पर दी है.

यह परंपरा है, नियम नहीं — नक्षत्र का अक्षर घर के नाम तक रखना और स्कूल का नाम अलग चुनना भी उतना ही सामान्य है. दोनों रास्ते इस साधन से निकलते हैं: अक्षर यहाँ, और उस नक्षत्र का पूरा पन्ना एक क्लिक पर.

हर नक्षत्र के पन्ने पर उसका स्वामी ग्रह, देवता, चिह्न, चारों चरणों की राशि और अक्षर दिए हैं. जाँचे-परखे हिंदी नामों की सूची तैयार हो रही है — बनने पर वहीं जुड़ेगी.

सवाल-जवाब

सवाल: जन्म का समय बिल्कुल पता नहीं — जवाब कितना भरोसेमंद है? — तारीख़ से नक्षत्र ज़्यादातर बार सही निकल आता है, पर जिस दिन नक्षत्र बदला हो उस दिन ग़लत भी हो सकता है. नतीजे में नक्षत्र की शुरुआत-अंत का समय देखिए — जन्म उस खिड़की के बीच में हो तो जवाब पक्का है, किनारे पर हो तो पंडित से मिलान कर लें.

सवाल: कैलकुलेटर का जवाब और पंडित जी का जवाब अलग है — किसकी ग़लती? — शायद किसी की नहीं. अलग-अलग अयनांश पद्धतियों (लाहिरी, रामन, कृष्णमूर्ति) में एक-दो अंश का फ़र्क़ रहता है, और सीमा के पास के जन्म में इतने से नक्षत्र बदल जाता है. पंडित जी से पूछिए कि वे कौन सी पद्धति चलाते हैं.

सवाल: राशि यहाँ चंद्र से निकली है या सूर्य से? — चंद्र से — यही जन्म-राशि की भारतीय परंपरा है. अंग्रेज़ी 'ज़ोडिएक साइन' सूर्य से चलता है, इसीलिए दोनों जवाब अक्सर अलग होते हैं. नामकरण की परंपरा चंद्र-राशि से ही चलती है.

सवाल: क्या नक्षत्र से बच्चे का स्वभाव-भविष्य तय होता है? — यह आस्था का प्रश्न है, विज्ञान का नहीं — और यह पन्ना उसमें कोई दावा नहीं करता. हम पंचांग की मान्यताएँ वैसी ही देते हैं जैसी परंपरा में हैं, और गणित (चंद्रमा की स्थिति) उतना ही सटीक रखते हैं जितना खगोल-विज्ञान माँगता है.

नक्षत्रसाधनबच्चे का नाम

समीक्षा

  • Nakul PhatakCEO, theAsianparent India & Indonesia
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni ChuganiHead of Marketing, theAsianparent India & Singapore
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम