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बच्चे की बढ़त जाँचें: वज़न और लंबाई विश्व स्वास्थ्य संगठन के चार्ट के हिसाब से

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बच्चे की उम्र महीनों में, लिंग, और वज़न या लंबाई — दोनों देने की ज़रूरत नहीं, जो हाथ में हो वही काफ़ी. जवाब विश्व स्वास्थ्य संगठन के चार्ट का पर्सेंटाइल होता है.

बढ़त जाँचें

बच्चे की उम्र महीनों में, लिंग, फिर वज़न या लंबाई — दोनों भरने की ज़रूरत नहीं, जो हाथ में हो वही काफ़ी.

क्या भरना है और वह आँकड़ा क्या बताता है

साधन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ग्रोथ चार्ट पर चलता है — वही चार्ट जो आपके डॉक्टर की फ़ाइल में और टीकाकरण कार्ड के पीछे छपे होते हैं. जवाब पर्सेंटाइल की शक्ल में आता है.

पचासवाँ पर्सेंटाइल यानी बीच का बिंदु: सौ में से क़रीब पचास बच्चे आपके बच्चे से कम होते हैं और पचास ज़्यादा. पंद्रहवाँ पर्सेंटाइल यानी पंद्रह बच्चे कम, पचासी ज़्यादा.

WHO के चार्ट दुनिया भर के — भारत समेत — स्वस्थ, भरपूर पोषण पाए और मुख्यतः स्तनपान वाले बच्चों के नापों से बने हैं. यानी वे 'औसत भारतीय बच्चा' नहीं, 'स्वस्थ बढ़त कैसी दिखती है' यह दिखाते हैं.

पर्सेंटाइल क्या है — और क्या नहीं

पर्सेंटाइल कोई अंक नहीं हैं. नब्बेवाँ पर्सेंटाइल पंद्रहवें से 'बेहतर' नहीं. दोनों चार्ट के भीतर हैं और दोनों स्वस्थ हो सकते हैं.

तीसरी से सत्तानवेवीं (3rd-97th) रेखा तक का पूरा दायरा 'सामान्य' है, और स्वस्थ बच्चे इन रेखाओं के बीच कहीं भी आ सकते हैं. एक बच्चा पंद्रहवीं रेखा पर टिककर चलता रहे, तो वह शायद ऐसी ही बनावट का है — छोटे क़द के माता-पिता का बच्चा नीचे की रेखा पर चलना अपेक्षित है.

और दो बच्चों के पर्सेंटाइल आपस में मिलाने के लिए नहीं हैं. ग्रोथ चार्ट एक बच्चे का अपने आप से किया मिलान है — पड़ोस के बच्चे से लगी दौड़ नहीं.

एक बिंदु नहीं — रेखा की शक्ल मायने रखती है

यह इस पन्ने का सबसे ज़रूरी वाक्य है: एक बार लिया गया एक नाप लगभग कुछ नहीं बताता. ग्रोथ चार्ट समय पर खींची रेखा है, और मतलब उस रेखा की शक्ल में होता है.

पंद्रहवीं रेखा पर छह महीने टिककर चलने वाला बच्चा ठीक है. नब्बेवीं रेखा से पचासवीं और फिर पच्चीसवीं पर उतरने वाला बच्चा — भले वह अब भी 'सामान्य' दायरे में हो — जाँचने लायक़ है.

इसलिए यह साधन एक आँकड़े का जवाब देता है, पर असली फ़ैसला आपके डॉक्टर की फ़ाइल में होता है, जहाँ पिछली सारी मुलाक़ातों के बिंदु जुड़े होते हैं. इस साधन को उस फ़ाइल की जगह नहीं, उसके साथ इस्तेमाल करें.

नाप में चुपचाप घुसने वाली ग़लतियाँ

घर के काँटे पर कपड़ों-डायपर समेत लिया वज़न तीन सौ से पाँच सौ ग्राम ज़्यादा निकलता है. अस्पताल में बच्चे को खोलकर तौलते हैं, इसलिए घर और अस्पताल का आँकड़ा नहीं मिलता.

दो साल से छोटे बच्चों की लंबाई लिटाकर नापते हैं, खड़ा करके नहीं — और लिटाकर लिया नाप खड़े नाप से क़रीब आधा से एक सेंटीमीटर ज़्यादा आता है. एक ही तरीक़े से नापते रहना आँकड़े की सटीकता से ज़्यादा ज़रूरी है.

और उम्र महीनों में गिनें, दिनों की तोड़-मरोड़ करके नहीं. छोटी उम्र में एक महीने का फ़र्क़ भी पर्सेंटाइल काफ़ी बदल देता है — तीन महीने के बच्चे का वज़न चार महीने के ख़ाने में रखा तो बेवजह चिंता होगी.

सिर का घेरा — चार्ट का तीसरा नाप

हर मुलाक़ात में डॉक्टर तीन चीज़ें नापते हैं: वज़न, लंबाई और सिर का घेरा. तीसरे की बात सबसे कम होती है और पहले दो सालों में वही सबसे ज़्यादा बताता है, क्योंकि सिर की बढ़त सीधे दिमाग़ की बढ़त है.

जन्म के समय घेरा क़रीब पैंतीस सेंटीमीटर होता है और पहले साल में बारह सेंटीमीटर बढ़ता है — उसकी आधी बढ़त पहले तीन-चार महीनों में ही होती है. यह नाप इस साधन में नहीं है, क्योंकि इसे घर पर ठीक से लेना नहीं सधता; फीता भौंहों के ऊपर से और सिर के पीछे के उभार से होकर सबसे चौड़ी जगह से जाना चाहिए.

पर आपकी फ़ाइल में वह होता है, और वहाँ देखने लायक़ है. घेरा अचानक रेखा पार कर ऊपर जाए या बढ़ना रुक जाए — दोनों डॉक्टर को तुरंत बताने की बातें हैं.

सचमुच क्या काम आता है, और डॉक्टर के पास कब जाएँ

छह महीने तक सिर्फ़ माँ का दूध, उसके बाद घर का गाढ़ा खाना शुरू करके बढ़ाते जाना — बढ़त के लिए इससे ज़्यादा कुछ नहीं करना पड़ता. बार-बार के दस्त और साँस की बीमारियों से बचाना दूसरा बड़ा हिस्सा है.

बाज़ार के 'वज़न बढ़ाने वाले' पाउडर और भूख की सिरप डॉक्टर की सलाह के बिना न दें. कुछ बच्चे दुबली बनावट के होते हैं और उन्हें कुछ नहीं चाहिए.

डॉक्टर से मिलें अगर: बच्चे का वज़न चार्ट पर दो रेखाएँ पार कर नीचे उतर गया हो, वज़न बढ़ना रुक गया हो, जन्म का वज़न दो हफ़्तों में वापस न आया हो, या वज़न के साथ बच्चा सुस्त लगे. यही जल्दी पकड़ने के लिए नियमित जाँचें होती हैं — आँगनवाड़ी में भी हर महीने वज़न लिया जाता है, वह पर्ची सँभालकर रखें.

सवाल-जवाब

मेरा बच्चा दसवें पर्सेंटाइल पर है

चिंता की बात है? — एक नाप से नहीं. बच्चा उसी रेखा पर लगातार चल रहा हो और हँसता-खेलता हो, तो वह शायद ऐसी ही बनावट का है. गिरावट दिखे तभी जाँच कराएँ.

लड़के और लड़की के चार्ट अलग क्यों?

क्योंकि उनकी औसत बढ़त अलग होती है. एक ही चार्ट पर दोनों को नापा तो लड़कियों का वज़न बेवजह कम दिखेगा.

समय से पहले जन्मे बच्चे का क्या?

उनके लिए 'सुधारी उम्र' चलती है — यानी बच्चा जितने हफ़्ते पहले जन्मा, वे घटाकर उम्र निकालते हैं. क़रीब दो साल तक यही उम्र चलती है; आपके डॉक्टर बता देंगे.

दाँत निकलते समय या बीमारी में वज़न घटे तो?

कुछ दिनों की घट सामान्य है. बीमारी ख़त्म होने पर बच्चा उसे पूरा कर लेता है. लगातार कुछ हफ़्ते वज़न न बढ़े, तभी चिंता की बात है.

बच्चे की बढ़तसाधन

स्रोत

इस पन्ने का हर चिकित्सकीय आँकड़ा नीचे दी गई गाइडलाइनों से लिया गया है. आपके डॉक्टर की बात अलग हो तो पूछिए कि वे कौन-सी गाइडलाइन मानते हैं.

  1. WHO. WHO Child Growth Standards: Length/height-for-age, weight-for-age, weight-for-length, weight-for-height and body mass index-for-age
    The page's core claim that the tool uses WHO growth charts built from healthy, well-nourished, predominantly breastfed children worldwide (including India) to express results as percentiles, and that these charts represent healthy growth rather than an 'average' child.
  2. WHO. WHO Multicentre Growth Reference Study (MGRS) – How the WHO Child Growth Standards were developed
    The claim that WHO charts are derived from children across multiple countries who were breastfed as the norm, and that sex-specific charts are used because average growth trajectories differ between boys and girls.
  3. WHO. Infant and young child feeding – Key facts (exclusive breastfeeding and complementary feeding guidance)
    The page's recommendation of exclusive breastfeeding for six months followed by introduction of home-prepared thick foods as the primary driver of healthy growth.
  4. MoHFW. National Family Health Programme – Mother and Child Protection (MCP) Card
    The claim that WHO growth charts are printed on the back of immunisation/MCP cards used by doctors and Anganwadi workers in India, and that monthly weight monitoring is conducted at Anganwadi centres.
  5. WHO. Guiding principles for complementary feeding of the breastfed child
    The recommendation of exclusive breastfeeding for six months followed by introduction of home-based, energy-dense complementary foods as the primary driver of healthy growth.
  6. IAP. IAP NNF Guidelines on Growth Monitoring
    The recommendation that weight, length, and head circumference be measured at every well-child visit, and that crossing downward through two major centile lines on the growth chart is a clinical sign requiring investigation.

समीक्षा

  • Nakul Phatak — सीईओ, theAsianparent इंडिया और इंडोनेशिया
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni Chugani — मार्केटिंग प्रमुख, theAsianparent इंडिया और सिंगापुर
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम