बच्चों के नाम

बच्चों के नाम

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  • अनुराधा नक्षत्र
    अनुराधा नक्षत्र वृश्चिक 3°20' से 16°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह शनि, देवता मित्र, चिह्न कमल. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • अश्विनी नक्षत्र
    अश्विनी नक्षत्र मेष 0°00' से 13°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह केतु, देवता अश्विनीकुमार, चिह्न घोड़े का मुख. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • आर्द्रा नक्षत्र
    आर्द्रा नक्षत्र मिथुन 6°40' से 20°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह राहु, देवता रुद्र, चिह्न आँसू. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • आश्लेषा नक्षत्र
    आश्लेषा नक्षत्र कर्क 16°40' से 30°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह बुध, देवता नाग, चिह्न कुंडली मारा साँप. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
    उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र सिंह 26°40' से कन्या 10°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह सूर्य, देवता अर्यमा, चिह्न पलंग के पिछले पैर. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र
    उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र मीन 3°20' से 16°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह शनि, देवता अहिर्बुध्न्य, चिह्न साँप. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
    उत्तराषाढ़ा नक्षत्र धनु 26°40' से मकर 10°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह सूर्य, देवता विश्वेदेव, चिह्न हाथी दाँत. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • कृत्तिका नक्षत्र
    कृत्तिका नक्षत्र मेष 26°40' से वृषभ 10°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह सूर्य, देवता अग्नि, चिह्न उस्तरा और ज्वाला. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • चित्रा नक्षत्र
    चित्रा नक्षत्र कन्या 23°20' से तुला 6°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह मंगल, देवता त्वष्टा, चिह्न चमकता रत्न. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • ज्येष्ठा नक्षत्र
    ज्येष्ठा नक्षत्र वृश्चिक 16°40' से 30°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह बुध, देवता इंद्र, चिह्न कुंडल. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • धनिष्ठा नक्षत्र
    धनिष्ठा नक्षत्र मकर 23°20' से कुंभ 6°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह मंगल, देवता वसु, चिह्न डमरू. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • पश्चिमी लगने वाले भारतीय नाम
    तारा, ज़ोया, विनी, मोनिका — एक ही सूची में दिखने वाले ये नाम असल में चार अलग तरह के हैं। विदेश में या भारत के शहरों में बच्चा पाल रहे परिवारों के लिए: कौन सा नाम सचमुच दोनों तरफ़ का है, और कौन सा सिर्फ़ सुनने में लगता है।
  • पुनर्वसु नक्षत्र
    पुनर्वसु नक्षत्र मिथुन 20°00' से कर्क 3°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह गुरु, देवता अदिति, चिह्न धनुष और तरकश. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • पुष्य नक्षत्र
    पुष्य नक्षत्र कर्क 3°20' से 16°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह शनि, देवता बृहस्पति, चिह्न कमल. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र
    पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र सिंह 13°20' से 26°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह शुक्र, देवता भग, चिह्न पलंग के अगले पैर. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र
    पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र कुंभ 20°00' से मीन 3°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह गुरु, देवता अज एकपाद, चिह्न तलवार. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र
    पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र धनु 13°20' से 26°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह शुक्र, देवता आपः (जल), चिह्न पंखा. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • भरणी नक्षत्र
    भरणी नक्षत्र मेष 13°20' से 26°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह शुक्र, देवता यम, चिह्न योनि. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • भारतीय–चीनी परिवार में बच्चे का नाम
    एक तरफ़ पीढ़ी-अक्षर, दूसरी तरफ़ नामकरण और नक्षत्र का अक्षर। भारत, सिंगापुर, अमेरिका या कनाडा में रहने वाले हिंदी–चीनी परिवारों के लिए व्यावहारिक गाइड — उस नाम से शुरू जो पंद्रह सौ साल पहले भारत से चीन गया था।
  • मघा नक्षत्र
    मघा नक्षत्र सिंह 0°00' से 13°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह केतु, देवता पितर, चिह्न सिंहासन. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • मूल नक्षत्र
    मूल नक्षत्र धनु 0°00' से 13°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह केतु, देवता निऋति, चिह्न बँधी हुई जड़ें. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • मृगशिरा नक्षत्र
    मृगशिरा नक्षत्र वृषभ 23°20' से मिथुन 6°40' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह मंगल, देवता सोम, चिह्न हिरण का सिर. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • रेवती नक्षत्र
    रेवती नक्षत्र मीन 16°40' से 30°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह बुध, देवता पूषा, चिह्न मछली. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • रोहिणी नक्षत्र
    रोहिणी नक्षत्र वृषभ 10°00' से 23°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह चंद्र, देवता प्रजापति, चिह्न बैलगाड़ी. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • विशाखा नक्षत्र
    विशाखा नक्षत्र तुला 20°00' से वृश्चिक 3°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह गुरु, देवता इंद्राग्नि, चिह्न तोरण. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • शतभिषा नक्षत्र
    शतभिषा नक्षत्र कुंभ 6°40' से 20°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह राहु, देवता वरुण, चिह्न ख़ाली घेरा. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • श्रवण नक्षत्र
    श्रवण नक्षत्र मकर 10°00' से 23°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह चंद्र, देवता विष्णु, चिह्न तीन क़दम. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • स्वाती नक्षत्र
    स्वाती नक्षत्र तुला 6°40' से 20°00' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह राहु, देवता वायु, चिह्न कोमल अंकुर. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.
  • हस्त नक्षत्र
    हस्त नक्षत्र कन्या 10°00' से 23°20' के भाग में आता है. स्वामी ग्रह चंद्र, देवता सवितृ, चिह्न हाथ. इस पन्ने पर चारों चरणों की राशि और नाम किस अक्षर से शुरू करें, यह दिया है.