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टीकाकरण ट्रैकर: जन्म तिथि डालें, हर टीके की तारीख़ पाएँ

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जन्म तिथि डालें — '6 सप्ताह' जैसी हर बात कैलेंडर की तारीख़ बन जाएगी, और छूटा टीका चुपचाप नहीं सरकेगा, नाम लेकर दिखेगा. फ्रिज पर लगाने के लिए छपने वाला चार्ट भी नीचे है.

जन्म तिथि डालें

बच्चे की जन्म तिथि — बस इतना. पूरा कार्यक्रम तारीख़ों के साथ नीचे खुल जाएगा. लगे टीकों पर निशान लगाते जाएँ; निशान आपके फ़ोन में ही रहते हैं.

यह भारत सरकार का राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (National Immunization Schedule) है. इसके सारे टीके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आँगनवाड़ी और सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त लगते हैं. आपके लगाए निशान आपके ही फ़ोन में रहते हैं — हमें नहीं भेजे जाते. यह टीकाकरण कार्ड का विकल्प नहीं है; कार्ड हर बार साथ ले जाएँ.

ध्यान रखें:
  • निजी डॉक्टर इनके अलावा कुछ अतिरिक्त टीके भी सुझा सकते हैं. वे कौन से हैं और आपके बच्चे को चाहिए या नहीं, यह अपने डॉक्टर से पूछें — वह सूची हमने यहाँ नहीं दी है.
  • बच्चा समय से पहले जन्मा हो, वज़न बहुत कम हो, या कोई बीमारी हो — तो समय-सारणी डॉक्टर ही तय करेंगे.
  • मामूली ज़ुकाम या हल्का बुख़ार आमतौर पर टीका टालने की वजह नहीं होता. फिर भी बच्चे को केंद्र में दिखाएँ और फ़ैसला उन्हीं को करने दें.
  • टीके के बाद हल्का बुख़ार, सुई की जगह सूजन या दर्द सामान्य है. बच्चा लगातार रोए, तेज़ बुख़ार हो, झटके आएँ, या वह सुस्त लगे — तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ. अपने मन से कोई दवा न दें.

काम की चीज़ सूची नहीं, तारीख़ है

टीकों की सूची हर टीकाकरण कार्ड के पीछे छपी है. माता-पिता जो चीज़ असल में ग़लत करते हैं, वह सूची नहीं — गिनती है: '6 सप्ताह' का मतलब कौन सी तारीख़, और कौन सा मौक़ा निकल गया.

यह साधन वही दो काम करता है. जन्म तिथि डालते ही हर मुलाक़ात कैलेंडर की तारीख़ बन जाती है, और छूटी हुई मुलाक़ात 'देर हुई' के ठप्पे के साथ ऊपर दिखती है — चुपचाप नीचे नहीं सरकती.

देर हो गई हो तो घबराने की बात नहीं: टीके फिर से शुरू नहीं करने पड़ते, छूटा टीका अगली बार लगवा लिया जाता है. पर 'अगली बार' को टलने से रोकना — बस यही इस साधन का काम है.

यह भारत सरकार का राष्ट्रीय कार्यक्रम है — और मुफ़्त है

यहाँ दिखने वाला हर टीका भारत सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) का है — बीसीजी और पोलियो से लेकर पेंटावैलेंट, रोटा, पीसीवी, खसरा-रूबेला और विटामिन ए तक. ये सब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आँगनवाड़ी और सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त लगते हैं.

कुछ टीके ज़िले पर निर्भर हैं — जैसे जेई (दिमाग़ी बुख़ार) का टीका सिर्फ़ उन ज़िलों में लगता है जहाँ वह बीमारी है. ऐसे टीके सूची में अलग निशान से दिखते हैं: वे न लगे हों तो देर नहीं मानी जाती, बस अपने केंद्र में पूछ लें.

निजी डॉक्टर इनके ऊपर कुछ अतिरिक्त टीके भी सुझाते हैं. वे कौन से हैं और आपके बच्चे को चाहिए या नहीं — यह अपने डॉक्टर से पूछने की बात है; वह सूची हमने यहाँ नहीं दी, क्योंकि उसका फ़ैसला बच्चा देखकर होता है, चार्ट देखकर नहीं.

फ्रिज के लिए: छपने वाला पूरा चार्ट

यही पूरा कार्यक्रम एक A4 काग़ज़ पर छापने के लिए तैयार है — बच्चे का नाम और जन्म तिथि लिखने की जगह के साथ. फ्रिज पर लगाइए और हर मुलाक़ात के बाद तारीख़ भरते जाइए.

घर में एक से ज़्यादा बच्चे हों तो हर बच्चे का अपना काग़ज़ रखें. और यह काग़ज़ टीकाकरण कार्ड का विकल्प नहीं है — कार्ड हर बार केंद्र ले जाना ही है; सारी सरकारी नोंदें उसी पर होती हैं.

पूरी समय-सारणी एक A4 काग़ज़ पर छपती है — फ्रिज पर लगाई जा सकती है. बच्चे का नाम और जन्म तिथि लिखने की जगह छोड़ी गई है. यह राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम — भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय (MoHFW) के अनुसार है.

टीके के बाद का दिन

टीके के बाद हल्का बुख़ार, सुई की जगह सूजन या दर्द, और दिन भर चिड़चिड़ापन सामान्य है. यह टीके के काम करने की निशानी है, उसकी ख़राबी की नहीं. सुई की जगह पर साफ़ ठंडा कपड़ा रखा जा सकता है.

अपने मन से कोई दवा न दें — बुख़ार की दवा भी डॉक्टर या केंद्र की बताई ख़ुराक से ही. और मामूली ज़ुकाम या हल्का बुख़ार टीका टालने की वजह आमतौर पर नहीं होता — बच्चे को केंद्र ले जाएँ और फ़ैसला वहीं होने दें.

तुरंत डॉक्टर के पास ले जाने के लक्षण अलग हैं: बच्चा लगातार रोए और चुप न हो, तेज़ बुख़ार हो, झटके आएँ, या वह सुस्त-बेहोश सा लगे. ऐसा बहुत कम होता है, पर होने पर इंतज़ार नहीं करना है.

सवाल-जवाब

सवाल: टीका छूट गया है — क्या फिर से शुरू करना पड़ेगा? — नहीं. जहाँ रुका था वहीं से आगे बढ़ते हैं. अगली बार केंद्र जाएँ तब छूटा टीका बताकर लगवा लें — यही इस साधन में 'देर हुई' दिखाने का मक़सद है.

सवाल: सरकारी और निजी के टीके में फ़र्क़ है? — कार्यक्रम के टीके वही हैं. सरकारी केंद्र पर मुफ़्त, निजी में फ़ीस. निजी डॉक्टर कुछ अतिरिक्त टीके सुझा सकते हैं — वह अलग बात है, उनके बारे में डॉक्टर से ही पूछें.

सवाल: बच्चा समय से पहले जन्मा है — यही तारीख़ें चलेंगी? — ज़्यादातर टीके जन्म की असली तारीख़ से ही गिने जाते हैं, वज़न और सेहत देखकर डॉक्टर कुछ बदल सकते हैं. समय से पहले जन्मे बच्चे का कार्यक्रम डॉक्टर से तय करवाएँ; यह साधन वहाँ सिर्फ़ याद दिलाने के काम का है.

सवाल: निशान कहाँ सहेजे जाते हैं? — आपके फ़ोन के ब्राउज़र में, जन्म तिथि के साथ. हमें कुछ नहीं भेजा जाता. जन्म तिथि बदलते ही पुराने निशान मिट जाते हैं — दूसरे बच्चे को पहले बच्चे का रिकॉर्ड विरासत में नहीं मिलता.

शिशु की देखभालसाधन

समीक्षा

  • Nakul PhatakCEO, theAsianparent India & Indonesia
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni ChuganiHead of Marketing, theAsianparent India & Singapore
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम