
बाहर से कुछ पता नहीं चलता, पर अंदर सबसे बड़ी घटना हो चुकी है — निषेचन. एक कोशिका बनी है, और वह बँटती हुई गर्भाशय की ओर चल पड़ी है.
इस सप्ताह की घटना इतनी छोटी है कि कोई यंत्र उसे नहीं देख सकता, और इतनी बड़ी कि उसके बाद कुछ भी पहले जैसा नहीं रहता. डिंबवाही नली में अंडा और शुक्राणु मिल गए हैं — निषेचन हो गया है.
जो बना है, वह एक अकेली कोशिका है — तिल के दाने से भी हज़ारों गुना छोटी. उसमें आपके और आपके पति के जीन आधे-आधे जुड़ चुके हैं: शक्ल, क़द, आँखों का रंग, बहुत सी आदतें — बहुत कुछ इसी पल तय हो गया.
आपको इसका कोई एहसास नहीं होगा. न मतली, न थकान, न कोई ख़ास लक्षण — वे सब आगे के हफ़्तों की बातें हैं. यह सप्ताह चुपचाप गुज़रता है, और उसका चुपचाप गुज़रना ही सामान्य है.
निषेचन के बाद कोशिका बँटना शुरू करती है — एक से दो, दो से चार, चार से आठ. तीन-चार दिनों में वह शहतूत जैसी गुठली बन जाती है, जिसे विज्ञान 'मोरुला' कहता है.
यह गुठली डिंबवाही नली में तैरती हुई गर्भाशय की ओर बढ़ती है — यह सफ़र क़रीब चार से पाँच दिन का है. गर्भाशय पहुँचते-पहुँचते उसके भीतर पानी की थैली जैसी बनावट बन जाती है — अब यह 'ब्लास्टोसिस्ट' है, कोशिकाओं की संख्या सौ के पार.
इसी बनावट में दो हिस्से तय हो जाते हैं: भीतर की गुठली से बच्चा बनेगा, और बाहरी परत से प्लेसेंटा (गर्भनाल) — वह अंग जो नौ महीने बच्चे को खाना-हवा पहुँचाएगा.
आपके शरीर को अभी ख़बर नहीं लगी है. हॉर्मोन अभी वही हैं, माहवारी का चक्र अपनी जगह है, और गर्भ-जाँच भी अभी कुछ नहीं पकड़ेगी — hCG हॉर्मोन बनना अभी शुरू नहीं हुआ.
कुछ महिलाएँ पीछे मुड़कर कहती हैं कि उन्हें 'महसूस हो गया था'. सच यह है कि इस हफ़्ते शरीर में महसूस होने लायक़ कोई बदलाव नहीं होता — जो महसूस होता है वह उम्मीद होती है, और वह भी क़ीमती चीज़ है.
अगले सप्ताह के आख़िर में भ्रूण गर्भाशय की परत में जमेगा, तब पहली हल्की निशानी मुमकिन है. अभी का काम बस एक है — शरीर को वही देते रहना जो पिछले हफ़्तों से दे रही हैं.
फ़ोलिक एसिड रोज़ — अब यह पहले से भी ज़्यादा ज़रूरी है. जिस नली से बच्चे का दिमाग़ और रीढ़ बनेगी, वह अगले कुछ हफ़्तों में बंद होती है, और फ़ोलिक एसिड उसी काम के लिए चाहिए.
ऐसे रहें जैसे गर्भ ठहर चुका हो — क्योंकि शायद ठहर चुका है. शराब-तंबाकू पूरी तरह बंद, कोई नई दवा बिना पूछे नहीं, एक्स-रे कराना पड़े तो 'गर्भ की संभावना है' पहले बता दें.
कैफ़ीन नापकर लें — दिन में एक-दो कप चाय या कॉफ़ी ठीक है, उससे ज़्यादा नहीं. और कच्चा-अधपका खाना (कच्चा अंडा, अधपका मांस, बिना उबला दूध) अभी से छोड़ दें.
जाँच की जल्दबाज़ी न करें. इस हफ़्ते की गई गर्भ-जाँच नेगेटिव ही आएगी — गर्भ ठहरा हो तब भी. माहवारी की तारीख़ निकलने तक रुकना ही सही है.
इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. सब कुछ अंदर चल रहा है — बाहर से कुछ नहीं दिखता.
| बात | तीसरे सप्ताह में |
|---|---|
| मुख्य घटना | निषेचन — अंडा और शुक्राणु मिल गए |
| बच्चे का आकार | एक कोशिका से बढ़कर सौ से ज़्यादा कोशिकाएँ; आँख से न दिखने जितना छोटा |
| कहाँ है | डिंबवाही नली से गर्भाशय की ओर सफ़र में |
| लिंग | तय हो चुका — शुक्राणु के X/Y से; जाँचना क़ानूनन अपराध |
| आपके लक्षण | कोई नहीं — यह सामान्य है |
| गर्भ-जाँच | अभी नहीं — माहवारी की तारीख़ निकलने के बाद |
| चलता रहे | फ़ोलिक एसिड, पूरा खाना, दवा बिना पूछे नहीं |
इस सप्ताह चेतावनी वाला कुछ नहीं होता — जो चल रहा है वह महसूस होने की हद से नीचे है. एक ही बात ध्यान रखने की है: कोई भी दवा, देसी नुस्ख़ा या 'सफ़ाई का काढ़ा' अब बिना डॉक्टर से पूछे नहीं — गर्भ की सबसे नाज़ुक बुनियाद इन्हीं हफ़्तों में पड़ती है.
पेट के निचले हिस्से में एक तरफ़ तेज़, बढ़ता हुआ दर्द हो — ख़ासकर पिछली बार नली में गर्भ (एक्टोपिक) ठहरा रहा हो — तो डॉक्टर को दिखा लें. अभी शक की कोई वजह नहीं होती, पर यह लक्षण टालने की चीज़ नहीं है.
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.
आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.
यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.
सवाल: निषेचन के समय कुछ महसूस होता है? — नहीं. न निषेचन महसूस होता है, न कोशिकाओं का बँटना. शरीर को भी ख़बर अगले सप्ताह लगती है, जब भ्रूण गर्भाशय में जमता है.
सवाल: जुड़वाँ कब तय होते हैं? — या तो दो अंडे निकलकर दोनों निषेचित हों (अलग शक्ल के जुड़वाँ), या एक ही भ्रूण शुरुआती दिनों में दो में बँट जाए (एक जैसी शक्ल के). दोनों इसी हफ़्ते के आसपास की घटनाएँ हैं.
सवाल: इस हफ़्ते सफ़र या भारी काम से नुक़सान होता है? — सामान्य ज़िंदगी से नुक़सान नहीं होता. भ्रूण का सफ़र और जमना शरीर के भीतर सुरक्षित चलता है. हाँ, नई-नई भारी कसरत या बहुत उछल-कूद वाले खेल शुरू करने का यह समय नहीं है.
सवाल: गर्भ ठहरा है या नहीं — जल्दी जानने का कोई तरीक़ा? — ख़ून की hCG जाँच घर की पट्टी से दो-तीन दिन पहले पकड़ लेती है, पर उसकी भी सीमा है. सबसे सस्ता और भरोसेमंद तरीक़ा वही है — माहवारी की तारीख़ निकलने का इंतज़ार.
प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम
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