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गर्भावस्था का पाँचवाँ सप्ताह: नन्हा दिल धड़कना शुरू करता है

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गर्भावस्था का पाँचवाँ सप्ताह: नन्हा दिल धड़कना शुरू करता है

चावल के दाने जितने शरीर में इस हफ़्ते एक नली धड़कना शुरू करती है — यही आगे दिल बनेगी. और इधर आपके शरीर में हॉर्मोन अपना पहला ज़ोर दिखाने लगते हैं.

सबसे पहला अंग काम पर लग जाता है

शरीर के सारे अंगों में सबसे पहले काम शुरू करने वाला अंग दिल है — और वह इसी हफ़्ते का क़िस्सा है. अभी वह चार खानों वाला दिल नहीं, एक नन्ही नली भर है. पर वह नली सिकुड़ना शुरू कर देती है — पहले बेतरतीब, फिर लय में.

उधर आपकी तरफ़ यह वह हफ़्ता है जब गर्भ का पता चल चुका है और शरीर उसे छिपाने के मूड में नहीं है. hCG रोज़ दोगुना हो रहा है, और उसके साथ आती है यह तिकड़ी — मतली, थकान, और सूँघने की अजीब ताक़त.

घर में जो चीज़ें कल तक अच्छी लगती थीं — तड़के की महक, चाय की भाप — वे अचानक असहनीय लग सकती हैं. यह सनक नहीं है, हॉर्मोन हैं. और यह दौर गुज़रता है.

इस सप्ताह आपका बच्चा

भ्रूण अब चावल के दाने जितना है — क़रीब दो मिलीमीटर — और उसकी शक्ल किसी नन्हे से टैडपोल जैसी है. तीन परतें अब तेज़ी से अंगों में बदल रही हैं.

बीच वाली परत की एक नली इस हफ़्ते धड़कना शुरू करती है — मिनट में क़रीब सौ बार, आपके दिल से तेज़. स्कैन में यह धड़कन अभी नहीं दिखेगी; उसके लिए एक-दो हफ़्ते और चाहिए.

उसी समय न्यूरल ट्यूब — दिमाग़ और रीढ़ की बुनियाद — बंद होने की तरफ़ बढ़ रही है. फ़ोलिक एसिड की असली परीक्षा के ये आख़िरी दिन हैं; इसीलिए वह गोली एक दिन भी नहीं छूटनी चाहिए.

आपके शरीर में बदलाव

मतली किसी को सुबह आती है, किसी को शाम, किसी को दिन भर — 'मॉर्निंग सिकनेस' नाम ही ग़लत पड़ा है. आधे से ज़्यादा गर्भवती महिलाएँ इससे गुज़रती हैं. खाली पेट यह बढ़ती है, इसलिए थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाना ही इसका घरेलू इलाज है.

थकान इन दिनों वैसी होती है जैसी पहले कभी नहीं हुई — दोपहर होते-होते आँखें बंद होने लगती हैं. शरीर भीतर एक पूरा अंग (प्लेसेंटा) बना रहा है; थकान उसी मेहनत का बिल है. नींद आए तो सो जाइए — यह आलस नहीं है.

स्तनों का भारीपन बढ़ेगा, पेशाब बार-बार आएगा, और मन बिना बात भर आएगा या चिढ़ जाएगा. सब hCG और प्रोजेस्टेरोन का किया है. जिन्हें इनमें से कुछ नहीं होता, उनका गर्भ भी उतना ही ठीक चल रहा होता है.

इस सप्ताह क्या करना है

डॉक्टर की पहली मुलाक़ात अब तय हो जानी चाहिए — छठे से आठवें सप्ताह के बीच पहला स्कैन अक्सर लिखा जाता है. सरकारी केंद्र जा रही हों तो पंजीकरण और MCP कार्ड इसी हफ़्ते करा लें; ASHA दीदी यही काम कराने के लिए हैं.

मतली के लिए: सुबह बिस्तर से उठने से पहले दो बिस्कुट या मुट्ठी भर मुरमुरे, दिन में हर दो-तीन घंटे पर कुछ हल्का, अदरक की चाय या नींबू-पानी. उल्टियाँ दिन में तीन-चार से ज़्यादा हों और पानी भी न टिके — तो यह घरेलू इलाज की सीमा के बाहर है, डॉक्टर को बताएँ.

खाने में इस हफ़्ते से प्रोटीन का ध्यान रखें — दाल, दही, अंडा, पनीर, मूँगफली. मतली में जो चढ़ जाए वही खाएँ; सब्ज़ी न भा रही हो तो दाल से काम चलाइए, यह समझौते का दौर है.

काम पर जाती हों तो दिन की योजना मतली के हिसाब से बदलें — सुबह का सबसे भारी काम उस समय रखें जब तबीयत सबसे ठीक रहती है. अभी दफ़्तर को बताना ज़रूरी नहीं, पर एक भरोसे की सहकर्मी को बता रखना काम आता है.

पाँचवाँ सप्ताह: एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बातपाँचवें सप्ताह में
मुख्य घटनादिल की नली धड़कना शुरू — मिनट में क़रीब 100 बार
बच्चे का आकारचावल के दाने जितना — क़रीब 2 मिलीमीटर
बन रहा हैन्यूरल ट्यूब बंद होने की ओर; दिमाग़, रीढ़ की बुनियाद
आपके मुमकिन लक्षणमतली, गहरी थकान, स्तनों में भारीपन, बार-बार पेशाब
मतली का घरेलू इलाजथोड़ा-थोड़ा बार-बार खाना; सुबह उठते ही दो बिस्कुट
अभी करना हैडॉक्टर की पहली मुलाक़ात तय; पंजीकरण व MCP कार्ड
चलता रहेफ़ोलिक एसिड रोज़ — एक दिन भी नहीं छूटे

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

उल्टियाँ इतनी कि पानी भी न टिके, पेशाब गहरा और कम, मुँह सूखा, चक्कर — यह मामूली मतली नहीं, हाइपरएमेसिस हो सकता है. उसी दिन डॉक्टर को दिखाएँ; ग्लूकोज़ चढ़ाने और सुरक्षित दवा से यह सँभल जाता है, पर घर पर घसीटने से बिगड़ता है.

एक तरफ़ का तेज़ बढ़ता दर्द, कंधे तक जाता दर्द, या रक्तस्राव के साथ चक्कर — एक्टोपिक गर्भ के लक्षण हैं; सीधे अस्पताल जाएँ (आपात में 108). माहवारी जैसा रक्तस्राव भी उसी दिन बताने की बात है.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

अपनी डिलीवरी की तारीख़ निकालें

आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.

यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पाँचवें सप्ताह के स्कैन में कुछ क्यों नहीं दिखा?

क्योंकि अभी बहुत जल्दी है. थैली दिखने लगती है, पर धड़कन अक्सर छठे-सातवें सप्ताह से दिखती है. इतनी जल्दी के स्कैन में 'कुछ नहीं दिखा' सुनकर घबराना सबसे आम और सबसे बेकार डर है.

मतली बिल्कुल नहीं है

क्या यह बुरी निशानी है? — नहीं. हर पाँचवीं-छठी गर्भवती को मतली होती ही नहीं. लक्षण और गर्भ की सेहत का सीधा रिश्ता नहीं है.

मतली में उल्टी के साथ फ़ोलिक एसिड भी निकल जाता है

क्या करूँ? — गोली उस समय लें जब तबीयत सबसे ठीक रहती हो — अक्सर रात में. गोली खाते ही उल्टी हो जाए तो डॉक्टर से कहें; समय या तरीक़ा बदला जा सकता है.

घर में सबको अभी बताएँ या रुकें?

यह पूरी तरह आपका फ़ैसला है. रिवाज़ तीन महीने रुकने का है क्योंकि शुरुआती हफ़्तों में गर्भपात की आशंका ज़्यादा होती है. पर पति और एक भरोसे का आदमी — इतने लोगों को अभी बताना ही समझदारी है.

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स्रोत

इस पन्ने का हर चिकित्सकीय आँकड़ा नीचे दी गई गाइडलाइनों से लिया गया है. आपके डॉक्टर की बात अलग हो तो पूछिए कि वे कौन-सी गाइडलाइन मानते हैं.

  1. WHO. WHO recommendations on antenatal care for a positive pregnancy experience (2016)
    Backs the page's advice on early antenatal registration, first-trimester care initiation, and recognition of danger signs such as hyperemesis and ectopic pregnancy symptoms requiring immediate medical attention.
  2. MoHFW. Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan (PMSMA) & Mother and Child Protection (MCP) Card Guidelines (2018)
    Supports the page's specific instruction to register at a government centre this week, obtain the MCP card, and seek ASHA worker assistance for antenatal enrolment.
  3. ICMR. Nutrient Requirements and Recommended Dietary Allowances for Indians (2020)
    Supports the page's recommendation to ensure adequate protein intake (dal, curd, egg, paneer, peanuts) during early pregnancy and the importance of folic acid supplementation without interruption during neural-tube closure.
  4. NICE. Antenatal care (NG201) (2021)
    Backs the page's description of nausea and vomiting of pregnancy affecting more than half of pregnant women, the advice to eat small frequent meals, and the criteria for escalating to medical care when vomiting prevents fluid retention (hyperemesis gravidarum).
  5. RCOG. The Management of Nausea and Vomiting of Pregnancy and Hyperemesis Gravidarum (Green-top Guideline No. 69) (2016)
    Supports the page's warning signs for hyperemesis gravidarum (inability to retain fluids, dark urine, dizziness, dry mouth) and the recommendation for same-day medical review with IV fluids and safe antiemetic treatment.

समीक्षा

  • Nakul Phatak — सीईओ, theAsianparent इंडिया और इंडोनेशिया
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni Chugani — मार्केटिंग प्रमुख, theAsianparent इंडिया और सिंगापुर
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम