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शिशु का आठवाँ सप्ताह: दो महीने पूरे — रोने का उतार शुरू

शिशु विकास · theAsianparent · अपडेट किया गया

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शिशु का आठवाँ सप्ताह: दो महीने पूरे — रोने का उतार शुरू

दो महीने पूरे — और सबसे भली ख़बर यह कि शाम की आँधी अब उतार पर है. मुस्कानें रोज़ की हो गईं, रात की खेप लंबी हो रही है, और घर की साँसें धीरे-धीरे ठहर रही हैं.

आँधी का उतार

जो शामें पिछले हफ़्तों में घर को घेर लेती थीं, वे इस पड़ाव से छोटी पड़ने लगती हैं. कोलिक का चरम छठे-आठवें हफ़्ते का था; अब उतार है, और तीन-चार महीनों तक ज़्यादातर घरों में यह क़िस्सा पुराना हो चुका होता है.

उतार का श्रेय किसी नुस्ख़े को नहीं जाता — घड़ी को जाता है. बच्चे का पाचन-तंत्र और स्नायु-तंत्र दोनों पक रहे हैं. जो घर इस सुरंग से गुज़र चुके हैं, उनके लिए पीछे मुड़कर एक वाक्य: आपने कुछ ग़लत नहीं किया था.

दो महीने का पड़ाव नापने का भी है — वज़न, लंबाई, और विकास की छोटी सूची. नीचे की तालिका वही है; और नापने का औज़ार ऊपर के ट्रैकर से आगे अब ग्रोथ-कैलकुलेटर भी है.

इस सप्ताह आपका शिशु

दो महीने की विकास-सूची: आँख मिलाकर मुस्कान (सोशल स्माइल) — अब तक आ जानी चाहिए; आवाज़ों ('कू-गू') के जवाब; आवाज़ पर ठहरना-चौंकना; टमी टाइम में सिर 45° उठाना; चलती चीज़ का आँखों से पीछा. यह सूची जाँच की मुलाक़ात में डॉक्टर भी पूछेंगे — घर से जवाब लेकर जाइए.

वज़न: दो महीनों में ज़्यादातर बच्चे जन्म के वज़न से क़रीब डेढ़ किलो ऊपर होते हैं. पर याद रखिए — आँकड़ा नहीं, चाल: अपनी ही पर्सेंटाइल-रेखा पर टिका बच्चा सही चल रहा है, पड़ोस के बच्चे से हल्का होकर भी.

नींद: रात की सबसे लंबी खेप अब 5-6 घंटे तक जा सकती है — जिन घरों में जाती है, वहाँ इसे नज़र मत लगाइए, और जहाँ नहीं जाती, वहाँ याद रखिए कि यह भी सामान्य की चौड़ी पट्टी में है. कुल नींद अब भी 14-17 घंटे है.

हाथ अब सिर्फ़ खोजे नहीं जा रहे — खुलने लगे हैं. मुट्ठियों की जकड़ ढीली, हथेली में रखा झुनझुना पल भर थमता है. अगले हफ़्तों में यही हाथ ख़ुद चीज़ों की ओर बढ़ेंगे.

माँ का हाल भी हाल है

दो महीने की माँ का सबसे आम सवाल आईने से आता है — बाल. प्रसव के बाद का झड़ना (दो से चार महीनों में चरम) हॉर्मोन की वापसी है, कमी नहीं; गर्भ में जो बाल गिरना भूल गए थे, वे अब हिसाब चुका रहे हैं. छह-बारह महीनों में यह अपने आप थमता है — तेल-शैम्पू बदलने से इसका रिश्ता नहीं है, हाँ खाना-आयरन पूरा रहे.

माहवारी की वापसी का समय अब से कभी भी हो सकता है — ख़ासकर जहाँ दूध के साथ फ़ॉर्मूला भी चलता है. पहली वापसी अनियमित-भारी हो सकती है. और वही पुराना सच: माहवारी लौटने से पहले भी गर्भ ठहर सकता है — गर्भनिरोध का फ़ैसला टला हो तो अब कर लीजिए.

घर के बँटवारे की समीक्षा का भी यही समय है — पहले हफ़्तों की 'सब चलेगा' व्यवस्था अब ढाँचा माँगती है: रात की ड्यूटी किसकी, शाम की किसकी, माँ की सैर/झपकी कब. काग़ज़ पर लिखा बँटवारा बहसों से सस्ता पड़ता है.

इस सप्ताह क्या करना है

दो महीने की जाँच-मुलाक़ात (जहाँ होती है) या अगली तौल — MCP कार्ड पर दर्ज कराइए, और ऊपर के ग्रोथ-कैलकुलेटर से पर्सेंटाइल देखिए. विकास-सूची के जवाब साथ ले जाइए.

10-सप्ताह के टीके अगले पखवाड़े हैं — तारीख़ ट्रैकर से पक्की, कार्ड थैली में.

खिलौनों की पहली असली ख़रीद का समय क़रीब है: हल्का झुनझुना जो हथेली में टिके, ऊपर लटकने वाला प्ले-जिम/चटख़ खिलौना जिस पर हाथ मारे जा सकें. महँगे 'ब्रेन-डेवलपमेंट' खिलौनों की ज़रूरत नहीं — आवाज़, रंग, पकड़ — बस यही तीन कसौटियाँ.

टमी टाइम अब दिन भर में जोड़कर 15-20 मिनट की ओर बढ़े — छोटे-छोटे टुकड़ों में. सिर के पीछे का चपटापन (एक ही करवट लेटने से) इसी से बचता है; जागते समय सिर की करवट बदलते रहना भी मदद करता है.

आठवाँ सप्ताह (2 महीने): एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपके शिशु के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बातदो महीने पर
मुख्य घटनाकोलिक का उतार; रात की खेप 5-6 घंटे मुमकिन
विकास-सूचीमुस्कान, 'कू-गू', आवाज़ पर ठहरना, 45° सिर, नज़र का पीछा
वज़नजन्म + ~1.5 किलो; चाल > आँकड़ा
हाथमुट्ठियाँ खुलतीं; झुनझुना पल भर थमता है
टमी टाइमदिन भर में 15-20 मिनट, टुकड़ों में
माँबालों का झड़ना = हॉर्मोन की वापसी, 6-12 महीने में थमता है
क़रीब10-सप्ताह के टीके

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

पक्की सूची वही — तीन महीने से छोटे का बुख़ार, दूध छोड़ना, तेज़ साँस, सुस्ती, झटके: उसी समय अस्पताल.

दो महीने की विकास-घंटी: अब तक कोई सोशल स्माइल नहीं, आवाज़ों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं, आँखें किसी चीज़ का पीछा नहीं करतीं, या शरीर बहुत ढीला/बहुत अकड़ा लगे — यह सूची 'देख लेंगे' की नहीं है; इसी हफ़्ते डॉक्टर से कहिए. ज़्यादातर बार जवाब तसल्ली का ही निकलता है — पर वह जवाब जाँच से आए.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपके शिशु की सेहत, जन्म के हालात और जाँचों का पूरा हाल देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके बाल-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

टीकों की तारीख़ें निकालें

जन्म तिथि डालें — राष्ट्रीय कार्यक्रम का हर टीका कैलेंडर की तारीख़ बनकर दिखेगा, और छूटा हुआ नाम लेकर सामने आएगा. इन्हीं हफ़्तों में 6 सप्ताह वाली बड़ी मुलाक़ात आती है.

यह भारत सरकार का राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (National Immunization Schedule) है. इसके सारे टीके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आँगनवाड़ी और सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त लगते हैं. आपके लगाए निशान आपके ही फ़ोन में रहते हैं — हमें नहीं भेजे जाते. यह टीकाकरण कार्ड का विकल्प नहीं है; कार्ड हर बार साथ ले जाएँ.

ध्यान रखें:
  • निजी डॉक्टर इनके अलावा कुछ अतिरिक्त टीके भी सुझा सकते हैं. वे कौन से हैं और आपके बच्चे को चाहिए या नहीं, यह अपने डॉक्टर से पूछें — वह सूची हमने यहाँ नहीं दी है.
  • बच्चा समय से पहले जन्मा हो, वज़न बहुत कम हो, या कोई बीमारी हो — तो समय-सारणी डॉक्टर ही तय करेंगे.
  • मामूली ज़ुकाम या हल्का बुख़ार आमतौर पर टीका टालने की वजह नहीं होता. फिर भी बच्चे को केंद्र में दिखाएँ और फ़ैसला उन्हीं को करने दें.
  • टीके के बाद हल्का बुख़ार, सुई की जगह सूजन या दर्द सामान्य है. बच्चा लगातार रोए, तेज़ बुख़ार हो, झटके आएँ, या वह सुस्त लगे — तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ. अपने मन से कोई दवा न दें.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रात में 5-6 घंटे सोता है

बीच में उठाकर दूध पिलाऊँ? — वज़न की चाल ठीक है और डॉक्टर ने अलग से न कहा हो, तो नहीं — रात की लंबी नींद तोहफ़ा है, लीजिए. सुबह की पहली फ़ीड भारी होगी, यही व्यवस्था है.

बच्चा दूसरों की गोद में जाते ही रोता है

अभी से 'माँ का बिगड़ैल'? — नहीं — दो महीने का बच्चा गंध-आवाज़-धड़कन से माँ को पहचानता है और उसी में सबसे सुरक्षित महसूस करता है. यह लगाव है, बिगाड़ नहीं. दूसरों की गोद की आदत धीरे-धीरे, माँ की मौजूदगी में बनवाइए.

सिर पीछे से चपटा दिख रहा है

टोपी/तकिये से ठीक होगा? — तकिया-टोपी नहीं (सोते शिशु के पास तकिया ख़तरा है). इलाज पोज़िशन है: जागते हुए ज़्यादा टमी टाइम, गोद में ज़्यादा, लेटे समय सिर की करवट बदलना. ज़्यादातर चपटापन इन्हीं से महीनों में सुधर जाता है; बढ़ता दिखे तो डॉक्टर को दिखाइए.

दो महीने पर बच्चे को पानी की कुछ बूँदें

गर्मी बहुत है? — फिर भी नहीं. छह महीने तक पानी भी नहीं — माँ के दूध में 85% से ज़्यादा पानी ही है, और गर्मी में बच्चा बस ज़्यादा बार पिएगा. पानी की बूँदें नवजात के पेट में जगह और नमक-संतुलन दोनों बिगाड़ती हैं.

शिशु का विकासबेबी डेवलपमेंट वीक बाय वीकनवजात की देखभालपहले तीन महीने

स्रोत

इस पन्ने का हर चिकित्सकीय आँकड़ा नीचे दी गई गाइडलाइनों से लिया गया है. आपके डॉक्टर की बात अलग हो तो पूछिए कि वे कौन-सी गाइडलाइन मानते हैं.

  1. WHO. Infant and young child feeding: Model Chapter for textbooks for medical students and allied health professionals (2009)
    Backs the claim that water should not be given to infants under six months, as breast milk (which is over 85% water) fully meets hydration needs even in hot weather.
  2. AAP. Safe Sleep: Recommendations (HealthyChildren.org) (2022)
    Backs the warning that pillows near sleeping infants are a hazard, and the recommendation to use tummy time while awake to reduce positional head flattening (positional plagiocephaly).
  3. WHO. Child Growth Standards (2006)
    Backs the guidance that a baby's own percentile trajectory matters more than comparison with other children, and supports use of growth charts to monitor weight gain at the 2-month check.
  4. NHS. Hair loss (alopecia) — Causes (2023)
    Backs the explanation that postpartum hair loss (peaking around 2–4 months after delivery) is hormonal in nature, self-limiting by 6–12 months, and not caused or corrected by changing hair-care products.

समीक्षा

  • Nakul Phatak — सीईओ, theAsianparent इंडिया और इंडोनेशिया
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni Chugani — मार्केटिंग प्रमुख, theAsianparent इंडिया और सिंगापुर
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम