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गर्भावस्था का बाईसवाँ सप्ताह: बाहर की दुनिया की आवाज़ें भीतर पहुँचती हैं

गर्भावस्था · theAsianparent · अपडेट किया गया

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गर्भावस्था का बाईसवाँ सप्ताह: बाहर की दुनिया की आवाज़ें भीतर पहुँचती हैं

कुकर की सीटी, दरवाज़े की घंटी, आपकी हँसी — बच्चे की दुनिया में अब बाहर का साउंडट्रैक बजने लगा है. और इसी पड़ाव पर बात उस चीज़ की, जो भारत की गर्भवती महिलाओं में सबसे आम कमी है — ख़ून.

भीतर तक पहुँचता घर का शोर

अब तक बच्चा आपके भीतर की आवाज़ें सुनता था — धड़कन, साँस, पेट की गुड़गुड़. इस दौर से बाहर की दुनिया भी उस साउंडट्रैक में जुड़ जाती है: कुकर की सीटी, टीवी, दरवाज़े की घंटी, घर की बहसें और हँसी.

आवाज़ें पानी और परतों से छनकर पहुँचती हैं — दबी-दबी, जैसे पानी के भीतर से सुनी हों. पर लय और सुर साफ़ पहुँचते हैं, और सबसे साफ़ पहुँचती है आपकी आवाज़ — वह छनकर नहीं, शरीर से होकर सीधी जाती है.

अचानक तेज़ आवाज़ पर बच्चा चौंककर उछलता भी है — पटाख़े, प्रेशर हॉर्न, लाउडस्पीकर. डरने की बात नहीं; रोज़ की ज़िंदगी की आवाज़ें उसके लिए ठीक हैं. लगातार बहुत तेज़ शोर वाली जगहें (फ़ैक्टरी का फ़र्श, डीजे के पास) भर टालने की चीज़ हैं.

इस सप्ताह आपका बच्चा

बच्चा अब पपीते जितना — क़रीब अट्ठाईस सेंटीमीटर, वज़न साढ़े चार सौ ग्राम की ओर. शक्ल अब पूरी तरह नवजात जैसी है — बस दुबली; चर्बी की भराई का काम चल रहा है.

आँखें बन चुकी हैं, पर पुतली में रंग (पिगमेंट) अभी भर रहा है. होंठ और पलकों की बारीक़ बनावट पूरी हो गई है. पकड़ने की क़ुव्वत बढ़ रही है — बच्चा अपनी ही गर्भनाल पकड़कर खेलता भी है; वह इसके लिए बनी है, घबराइए मत.

अग्न्याशय अपने हॉर्मोन बना रहा है, और दिमाग़ की सतह पर सिलवटें पड़नी शुरू होने वाली हैं — दिमाग़ का असली 'नक़्शा' अगले हफ़्तों की कहानी है.

आपके शरीर में बदलाव

इस पड़ाव की सबसे ज़रूरी भारतीय बात लक्षणों की नहीं, ख़ून की है. देश की आधी से ज़्यादा गर्भवती महिलाओं में ख़ून की कमी (एनीमिया) मिलती है — और उसकी थकान 'गर्भ की थकान' कहकर टाल दी जाती है.

फ़र्क़ पहचानिए: गर्भ की सामान्य थकान आराम से घटती है. एनीमिया की थकान आराम से नहीं जाती — साथ में साँस जल्दी फूलती है, दिल धड़कता ज़्यादा है, चेहरा-नाख़ून पीले पड़ते हैं, और मिट्टी-चॉक जैसी चीज़ों की तलब (पाइका) भी उसी की निशानी है.

इलाज सीधा है और काम करता है — IFA की गोली रोज़ (चाय-दूध से दूर, नींबू-पानी के साथ), थाली में हरी पत्तेदार सब्ज़ी, गुड़, चना, और डॉक्टर की बताई जाँच. गोली से पेट गड़बड़ हो तो ब्रांड-समय बदलवाइए — गोली छोड़ना जवाब नहीं है.

इस सप्ताह क्या करना है

हीमोग्लोबिन की पिछली जाँच का आँकड़ा याद कीजिए — याद नहीं तो फ़ाइल देखिए, और अगली मुलाक़ात में नई जाँच की बात कीजिए. गर्भ में यह आँकड़ा 11 से ऊपर रहना चाहिए; उससे नीचे हो तो डॉक्टर ख़ुराक बढ़ाते हैं.

GTT की तारीख़ अगले हफ़्तों में है — भूखे पेट जाना है, यह घर में सबको पता रहे. साथ में कुछ खाने का ले जाइए; आख़िरी सैंपल के बाद वहीं खा लेना सबसे आसान है.

एंटीनेटल कक्षा शुरू करने का सही समय यही है — ज़्यादातर कोर्स चार-छह हफ़्ते चलते हैं और तीसरी तिमाही की शुरुआत तक पूरे हो जाएँ तो सबसे काम आते हैं.

घर में पालतू जानवर, छोटे बच्चे या संयुक्त परिवार की भीड़ — जो भी आपकी दुनिया है, बच्चा उसकी आवाज़ें अभी से सुन रहा है. यह अच्छी बात है: जन्म के बाद वही शोर उसे 'अपना घर' लगेगा. घर को चुप कराने की ज़रूरत नहीं है.

बाईसवाँ सप्ताह: एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बातबाईसवें सप्ताह में
मुख्य घटनाबाहर की आवाज़ें भीतर पहुँचने लगीं
बच्चे का आकारपपीते जितना — 28 सेंटीमीटर, ~450 ग्राम
बन रहा हैआँखों की पुतली का रंग; बढ़ती पकड़
ख़ास भारतीय बातएनीमिया — आधी से ज़्यादा गर्भवती महिलाओं में
उसकी निशानीन जाने वाली थकान, फूलती साँस, पीलापन, पाइका
इलाजIFA रोज़ + हरी सब्ज़ी-गुड़-चना + जाँच
क़रीबGTT — भूखे पेट, 2-3 घंटे का इंतज़ाम

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

पुरानी सूची — रक्तस्राव, लगातार दर्द, तेज़ बुख़ार, पेशाब की जलन, अचानक पानी जैसा स्राव, पिंडली की सूजन, प्री-एक्लैम्प्सिया की तिकड़ी: उसी दिन डॉक्टर.

पेट का नियमित लय में कसना अब भी 'उसी दिन बताने' की चीज़ है. और बाईस सप्ताह बीतने पर भी हलचल की कोई पहचान न बनी हो, तो अगली मुलाक़ात का इंतज़ार छोड़कर इसी हफ़्ते डॉक्टर से कहिए — ज़्यादातर बार जवाब 'प्लेसेंटा आगे है, सब ठीक' ही निकलता है, पर वह जवाब जाँच से आना चाहिए.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

अपनी डिलीवरी की तारीख़ निकालें

आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.

यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: भजन/क़ुरान/गीता — जो घर में चलता है, बच्चा 'समझता' है? — शब्द नहीं, लय समझता है — और जन्म के बाद वही लय उसे शांत करती है. रोज़ के पाठ की आवाज़ नवजात के लिए घर की सबसे जानी-पहचानी चीज़ों में होती है. जो सहज चलता है, चलने दीजिए.

सवाल: पटाख़ों के मौसम (दीवाली) में क्या करूँ? — घर के भीतर सामान्य पटाख़ों की आवाज़ नुक़सान नहीं करती — बच्चा चौंकेगा, बस. बहुत तेज़ बम वाली गली में खड़े होकर देखने से बचिए, और धुएँ से भी — धुआँ आवाज़ से ज़्यादा असली दिक़्क़त है.

सवाल: IFA गोली से पॉटी काली होती है — बंद करूँ? — नहीं. काला रंग आयरन का सामान्य असर है, नुक़सान नहीं. क़ब्ज़ बढ़े तो पानी-रेशा बढ़ाइए और डॉक्टर से कहिए. गोली अपने मन से बंद करना ही वह ग़लती है जो एनीमिया को जिताती है.

सवाल: जुड़वाँ हैं — यह सब मुझ पर कैसे लागू होता है? — जुड़वाँ गर्भ की निगरानी अलग और ज़्यादा होती है — मुलाक़ातें जल्दी-जल्दी, स्कैन ज़्यादा, प्रसव अक्सर छत्तीस-सैंतीस सप्ताह के आसपास. ये पन्ने आम धारा बताते हैं; आपकी असली समय-सारिणी आपके डॉक्टर की बनाई है, और वही मानिए.

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समीक्षा

  • Nakul PhatakCEO, theAsianparent India & Indonesia
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni ChuganiHead of Marketing, theAsianparent India & Singapore
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम