
स्कैन में बच्चा 'बूढ़ों जैसा झुर्रीदार' दिखे तो मुस्कुराइए — त्वचा पहले बन गई है, चर्बी की भराई बाक़ी है. अगले हफ़्ते बड़ा पड़ाव है; यह हफ़्ता उसकी तैयारी का है.
इस दौर के स्कैन में बच्चा दुबला और झुर्रीदार दिखता है — जैसे किसी ने नाप से बड़ा कुर्ता सिल दिया हो. हुआ भी यही है: त्वचा अपनी पूरी नाप पर बन चुकी है, और उसके नीचे की चर्बी अभी भर रही है.
अगले हफ़्तों का बड़ा काम यही भराई है. जन्म तक वह झुर्रीदार कुर्ता भरकर वही गोल-मटोल शक्ल बनेगा जिसका इंतज़ार है — और उस भराई की सामग्री आपकी थाली से जाएगी.
इस बीच नथुने — जो अब तक बंद थे — खुल जाते हैं, और साँस का अभ्यास गहरा हो जाता है. पानी के भीतर की यह 'साँस' फेफड़ों की मालिश है; असली हवा का दिन अभी दूर है, पर रिहर्सल पूरे ज़ोर पर है.
बच्चा अब बड़े बैंगन जितना — क़रीब उनतीस सेंटीमीटर, वज़न पाँच सौ ग्राम छूता हुआ. आधा किलो — पहली बार वज़न की गिनती 'किलो' की भाषा में आ गई.
सुनने की बारीक़ी बढ़ रही है — अब बच्चा जानी-पहचानी आवाज़ों पर हरकत से 'जवाब' देता दिखता है. दिल की धड़कन अब स्टेथोस्कोप से भी सुनी जा सकती है — मशीन की ज़रूरत घट रही है.
फेफड़ों में सर्फ़ैक्टेंट — वह चिकनाई जो हवा की थैलियों को चिपकने से बचाती है — बनना शुरू हो रहा है. यही वह चीज़ है जो आने वाले हफ़्तों में बच्चे के 'बाहर की दुनिया लायक़' होने का पैमाना बनेगी.
वज़न की चाल अब सबसे तेज़ दौर में घुस रही है — यहाँ से हर हफ़्ते क़रीब आधा किलो सामान्य है. भूख भी उसी हिसाब की लगेगी; उसे थाली की तिकड़ी से भरिए, तली-मीठी चीज़ों से नहीं.
पैरों-टख़नों की शाम वाली सूजन अब नियमित हो सकती है. जूते-चप्पल का नाप बदल जाए तो हैरानी नहीं — गर्भ में पैर सचमुच थोड़े बड़े हो जाते हैं (रिलैक्सिन यहाँ भी काम करता है), और कुछ का नया नाप स्थायी भी रहता है.
नींद अब करवटों का खेल बनती जा रही है — पेट भारी, पीठ मना, और मूत्राशय की रात की हाज़िरी वापस. तकियों का इंतज़ाम (घुटनों के बीच + पेट के नीचे + कमर के पीछे) अब पूरा कर लीजिए; यही आगे के महीनों की नींद का ढाँचा है.
GTT की तारीख़ अगले हफ़्ते से खिड़की में है — पक्की कर लीजिए. जाँच के नाम से डरने वालों के लिए: यह मीठा घोल पीकर तय समय पर ख़ून देने की जाँच है — सुई के अलावा उसमें कठिन कुछ नहीं.
बच्चे के कपड़ों-सामान की ख़रीदारी शुरू करनी हो तो पहले घर का ख़ज़ाना खोलिए — जिठानी-बहन-सहेलियों के बच्चों के कपड़े पहले महीनों के लिए सबसे सही हैं. नए में सूती, सामने से खुलने वाले, और 'नवजात' नाप कम — बच्चे उस नाप से हफ़्तों में निकल जाते हैं.
पानी की आदत पर एक बार फिर नज़र — सूजन के डर से पानी घटाना उल्टा नुस्ख़ा है; पानी कम करने से सूजन बढ़ती है. दिन भर घूँट-घूँट, और प्यास को कभी इंतज़ार नहीं.
नौकरी में हैं तो मातृत्व अवकाश की अर्ज़ी का काग़ज़ी काम इसी महीने निपटा लीजिए — ज़्यादातर दफ़्तर आठ हफ़्ते पहले की सूचना माँगते हैं. साथ में यह भी तय कर लीजिए कि अवकाश कब से लेना है; क़ानून प्रसव से आठ हफ़्ते पहले तक की छूट देता है, पर कब से लेना आपकी सेहत और काम की प्रकृति पर है.
इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.
| बात | तेईसवें सप्ताह में |
|---|---|
| मुख्य घटना | नथुने खुले; साँस का गहरा अभ्यास; सर्फ़ैक्टेंट शुरू |
| बच्चे का आकार | बड़े बैंगन जितना — 29 सेंटीमीटर, ~500 ग्राम |
| दिखता कैसा है | झुर्रीदार — त्वचा बन गई, चर्बी भर रही है |
| आपके मुमकिन लक्षण | तेज़ भूख, शाम की सूजन, टूटती नींद |
| अगले हफ़्ते | GTT की खिड़की खुलती है — तारीख़ पक्की हो |
| ख़रीदारी का नियम | पहले घर का ख़ज़ाना; नए में सूती और बड़ा नाप |
| काग़ज़ी काम | मातृत्व अवकाश की अर्ज़ी इसी महीने |
पुरानी सूची — रक्तस्राव, लगातार दर्द, तेज़ बुख़ार, पेशाब की जलन, अचानक पानी जैसा स्राव, पिंडली की सूजन, प्री-एक्लैम्प्सिया की तिकड़ी, पेट का नियमित कसना: उसी दिन डॉक्टर.
खुजली अगर हथेलियों और तलवों पर हो — बिना दाने के, रात में बढ़ती — तो यह मामूली सूखेपन वाली खुजली नहीं है; जिगर से जुड़ी गर्भ-स्थिति (कोलेस्टेसिस) की जाँच होती है. यह दिखे तो अगली मुलाक़ात तक मत रुकिए.
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.
आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.
यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.
सवाल: आधा किलो का बच्चा — अगर अभी जन्म हो जाए तो? — तेईस सप्ताह 'जीवन-क्षमता' की दहलीज़ के ठीक पहले का हफ़्ता है; अगले हफ़्तों में हर दिन बच्चे की संभावनाएँ तेज़ी से बढ़ाता है. इसीलिए समय से पहले के प्रसव के हर लक्षण को इतनी गंभीरता से लिया जाता है — और इसीलिए वे 'उसी दिन डॉक्टर' की सूची में हैं.
सवाल: रात में पेट सख़्त होकर फिर ढीला हो जाता है — दर्द नहीं होता. यह क्या है? — शायद ब्रैक्सटन-हिक्स — अभ्यास के कसाव, जो इस दौर से शुरू हो सकते हैं. पहचान: अनियमित, बिना दर्द, करवट या पानी पीने से चले जाते हैं. नियमित लय पकड़ लें, बढ़ते जाएँ या दर्द जुड़े — तब उसी दिन डॉक्टर.
सवाल: खाने की तलब अब मिठाई पर अटक गई है — कितनी छूट है? — रोज़ थोड़े गुड़-मीठे की छूट है, रोज़ की मिठाई-हलवाई की नहीं — ख़ासकर GTT से पहले के इन हफ़्तों में. मीठे की तलब को फल, खजूर, गुड़-चना से बहलाइए; शुगर-जाँच के बाद डॉक्टर की सलाह पर हिसाब आगे तय होगा.
सवाल: 'पेट में बच्चा ऊँचा है तो लड़का' — घर में यही चर्चा है. कोई आधार? — कोई नहीं. पेट की ऊँचाई-शक्ल माँ की बनावट से तय होती है, बच्चे के लिंग से नहीं. और लिंग जानने की हर कोशिश — मान्यताओं से लेकर स्कैन तक — या तो बेकार है या अपराध. बच्चा जो है, अच्छा है.
प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम
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