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गर्भावस्था का इक्कीसवाँ सप्ताह: लातें अब बाहर से भी महसूस

गर्भावस्था · theAsianparent · अपडेट किया गया

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गर्भावस्था का इक्कीसवाँ सप्ताह: लातें अब बाहर से भी महसूस

अब तक हलचलें सिर्फ़ आपकी थीं. इस हफ़्ते से वे बँटने लायक़ हो जाती हैं — पेट पर रखा पापा का हाथ भी लात महसूस कर सकता है. रिश्ते का पहला सीधा पुल.

पहली बार किसी और ने महसूस किया

एक शाम ऐसी आती है — अक्सर इसी हफ़्ते के आसपास — जब लात इतनी साफ़ पड़ती है कि आप झट से कहती हैं, 'हाथ रखो, जल्दी!' और पहली बार कोई और भी उसे महसूस करता है.

उस पल पिता के लिए गर्भ 'ख़बर' से बदलकर 'बच्चा' हो जाता है. अब तक सब कुछ रिपोर्टों और स्कैन की तस्वीरों में था; अब हथेली पर धप्प. दादी-नानी की क़तार भी उसी दिन से लगती है, तैयार रहिए.

बच्चे के लिए ये लातें कसरत हैं — मांसपेशियाँ और हड्डियाँ इसी धक्का-मुक्की से मज़बूत होती हैं. यानी हर लात अच्छी ख़बर है, और उसकी बढ़ती ताक़त उससे भी अच्छी.

इस सप्ताह आपका बच्चा

बच्चा अब बड़ी गाजर जितना — क़रीब सत्ताईस सेंटीमीटर, वज़न साढ़े तीन सौ ग्राम के पास. भौंहें और पलकों के बाल बन चुके हैं; सिर के बाल भी उग रहे हैं.

अस्थि-मज्जा (बोन मैरो) अब ख़ून की कोशिकाएँ बनाने का काम सँभाल रही है — अब तक यह काम जिगर और तिल्ली करते थे. शरीर अपने स्थायी कारख़ाने चालू कर रहा है.

निगले हुए पानी से बच्चे को थोड़ी-थोड़ी शक्कर भी मिलने लगी है — खाने-पचाने की पूरी प्रणाली का धीमा अभ्यास चल रहा है. स्वाद की कलियाँ आपकी थाली के मसालों की झलक पानी में पाती रहती हैं.

आपके शरीर में बदलाव

यह दौर कई महिलाओं का सबसे अच्छा दौर होता है — ऊर्जा ठीक, पेट सँभालने लायक़, और हलचलों की रोज़ की सोहबत. इसका इस्तेमाल कीजिए: जो काम तीसरी तिमाही पर टालेंगी, वे दोगुने भारी होकर मिलेंगे.

पैरों में शाम की सूजन और उभरी नसें अब ज़्यादा दिख सकती हैं. बैठते समय पैर लटकाए मत रखिए — स्टूल पर टिकाइए; और पालथी लंबी देर की जगह पोज़ बदलती रहिए.

त्वचा पर खिंचाव के निशान अब आने शुरू हो सकते हैं — पेट, जाँघों, स्तनों पर. लाल-बैंगनी शुरू होकर वे धीरे-धीरे चाँदी जैसे हल्के पड़ जाते हैं. खुजली हो तो नारियल तेल या मॉइस्चराइज़र; 'मिटाने' के वादों पर पैसा नहीं.

इस सप्ताह क्या करना है

पापा की ड्यूटी बढ़ाइए — रोज़ रात पेट पर हाथ और दो बातें. बच्चा जन्म के बाद जो आवाज़ें पहचानेगा, उनमें यह भी हो. यह रस्म आगे चलकर घर की सबसे प्यारी आदत बन जाती है.

GTT की तारीख़ पक्की है? चौबीस-अट्ठाईस की खिड़की क़रीब है. जाँच से पहले वाली रात से भूखा रहना होता है — तारीख़ ऐसी चुनिए जिस दिन सुबह की भाग-दौड़ न हो.

अस्पताल का चुनाव अब पक्का करने का समय है — डिलीवरी कहाँ होगी, वहाँ चौबीस घंटे प्रसव-सुविधा और ज़रूरत पर सिज़ेरियन-NICU का इंतज़ाम है या नहीं, घर से रास्ता कितना. दो जगह देखकर तय कीजिए और घर में सबको बता दीजिए.

काम की जगह की योजना भी अब काग़ज़ पर हो — छुट्टी कब से, काम किसे सौंपना है, लौटने की सोच क्या है. मातृत्व लाभ की अर्ज़ी की प्रक्रिया HR से अभी समझ लीजिए; आख़िरी महीने की भाग-दौड़ बचेगी.

इक्कीसवाँ सप्ताह: एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बातइक्कीसवें सप्ताह में
मुख्य घटनालातें बाहर से महसूस — पापा का पहला सीधा रिश्ता
बच्चे का आकारबड़ी गाजर जितना — 27 सेंटीमीटर, ~350 ग्राम
बन रहा हैभौंहें-पलकों के बाल; अस्थि-मज्जा का काम शुरू
आपके मुमकिन लक्षणअच्छा दौर; शाम की सूजन, खिंचाव के निशान
तय करना हैडिलीवरी का अस्पताल — सुविधाएँ देखकर, अभी
क़रीबGTT की खिड़की (24-28) — तारीख़ पक्की हो
नई रस्मरोज़ रात पापा की दो बातें पेट से

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

पुरानी सूची — रक्तस्राव, लगातार दर्द, तेज़ बुख़ार, पेशाब की जलन, अचानक पानी जैसा स्राव, पिंडली की एक तरफ़ा सूजन: उसी दिन डॉक्टर. प्री-एक्लैम्प्सिया की तिकड़ी (तेज़ सिरदर्द + चमक + अचानक सूजन) भी याद रहे.

पेट का बार-बार, लय में कसना — दर्द हो या न हो — अभी की उम्र में सामान्य नहीं है. दिन में कई बार, नियमित अंतर से पेट सख़्त होता लगे तो उसी दिन बताइए; समय से पहले की हलचल (प्री-टर्म) की जाँच यही पकड़ती है.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

अपनी डिलीवरी की तारीख़ निकालें

आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.

यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लात रोज़ एक ही जगह पड़ती है

क्यों? — बच्चे की करवट फ़िलहाल पसंदीदा है; जहाँ पैर हैं वहीं धप्प. वह करवट हफ़्तों में बदलती रहती है, लातों का ठिकाना भी. एक ही जगह पड़ना कोई दिक़्क़त नहीं है.

पति ने हाथ रखा तो बच्चा रुक गया

हर बार यही होता है! — मशहूर मज़ाक़ है और सच भी: हाथ का दबाव-गर्मी बच्चे को अक्सर शांत कर देती है, और उत्सुक इंतज़ार बच्चे के अपने समय से मेल नहीं खाता. खाने के बाद वाली बातूनी बेला में कोशिश कीजिए.

सीढ़ियाँ चढ़ना बंद कर दूँ?

नहीं. सामान्य गर्भ में सीढ़ियाँ कसरत हैं, ख़तरा नहीं — बस रेलिंग पकड़िए, जल्दी मत कीजिए, और चक्कर के दिनों में साथ माँगिए. डॉक्टर ने ख़ुद मना किया हो (प्लेसेंटा या ग्रीवा की वजह से) तो अलग बात.

बच्चे से बोलने में झिझक होती है

ज़रूरी है क्या? — बोलना ज़रूरी है, तरीक़ा नहीं. लोरी न आए तो अख़बार की सुर्ख़ियाँ पढ़िए, दिन का हाल सुनाइए, भजन चलाइए — बच्चे को शब्द नहीं, आपकी आवाज़ की लय चाहिए. झिझक पहली दस बार की है, फिर आदत.

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स्रोत

इस पन्ने का हर चिकित्सकीय आँकड़ा नीचे दी गई गाइडलाइनों से लिया गया है. आपके डॉक्टर की बात अलग हो तो पूछिए कि वे कौन-सी गाइडलाइन मानते हैं.

  1. WHO. WHO recommendations on antenatal care for a positive pregnancy experience (2016)
    Backs the page's advice on recognising danger signs requiring immediate medical attention — including bleeding, fever, burning urination, sudden fluid loss, and symptoms of pre-eclampsia (severe headache, visual disturbance, sudden swelling).
  2. ACOG. Gestational Diabetes Mellitus (Practice Bulletin No. 190) (2018)
    Supports the page's instruction that the glucose tolerance test (GTT) should be scheduled within the 24–28 week window and that fasting is required the preceding night.
  3. ACOG. Preterm Labor (Practice Bulletin No. 171) (2016)
    Supports the page's warning that regular, rhythmic uterine tightening — with or without pain — at this gestational age is not normal and requires same-day evaluation to rule out preterm labour.
  4. NICE. Antenatal care (NG201) (2021)
    Supports the page's guidance on monitoring fetal movements, recognising pre-eclampsia warning signs, and the recommendation that women choose a delivery facility with round-the-clock obstetric and neonatal (NICU) capability.
  5. NHS. Stretch marks in pregnancy (2023)
    Backs the page's statement that stretch marks begin as red-purple marks that fade to silver, commonly appear on the abdomen, thighs and breasts, and that no cream has been proven to remove them — with moisturisers recommended only for itch relief.

समीक्षा

  • Nakul Phatak — सीईओ, theAsianparent इंडिया और इंडोनेशिया
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni Chugani — मार्केटिंग प्रमुख, theAsianparent इंडिया और सिंगापुर
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम