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गर्भावस्था का इकतीसवाँ सप्ताह: पाँचों इंद्रियाँ काम पर

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गर्भावस्था का इकतीसवाँ सप्ताह: पाँचों इंद्रियाँ काम पर

देखना, सुनना, चखना, छूना — और सूँघने की तैयारी. बच्चे की पाँचों इंद्रियाँ अब हाज़िर हैं. इधर आपकी रातें मूत्राशय की मेहरबानी से फिर छोटी हो रही हैं.

पूरी हाज़िरी

जन्म से नौ हफ़्ते पहले बच्चे की कक्षा में पाँचों इंद्रियों की हाज़िरी पूरी हो जाती है. आँखें रोशनी-अँधेरा पकड़ती हैं, कान घर की हर आवाज़ पहचानते हैं, ज़बान एम्नियोटिक पानी में आपकी थाली का स्वाद लेती है, त्वचा छुअन पर जवाब देती है.

सूँघने का इम्तिहान हवा माँगता है, इसलिए वह जन्म के बाद होगा — पर उसकी तैयारी पूरी है, और पहली सूँघी हुई चीज़ों में आपकी गंध होगी. नवजात माँ को गंध से पहचानता है — यह तैयारी इन्हीं हफ़्तों की है.

इधर आपके शरीर में एक पुराना मेहमान लौट आया है — बार-बार पेशाब. बच्चे का सिर नीचे की ओर बैठ रहा है और मूत्राशय फिर दबाव में है. पहली तिमाही की याद ताज़ा — बस अब वजह हॉर्मोन नहीं, सचमुच का बोझ है.

इस सप्ताह आपका बच्चा

बच्चा अब नारियल के गट्ठर जितना — इकतालीस सेंटीमीटर, वज़न सोलह-सत्रह सौ ग्राम. चर्बी की भराई से हाथ-पैर अब गोल दिखने लगे हैं.

दिमाग़ अब शरीर का तापमान सँभालने की तैयारी में है — जन्म के बाद का एक बड़ा काम. नसों के जोड़ बनने की रफ़्तार चरम पर है, और नींद-जागने का चक्र अब घड़ी की तरह चलता है.

आँखों की पुतली अब रोशनी के हिसाब से छोटी-बड़ी होती है — कैमरे का अपर्चर काम करने लगा. ज़्यादातर बच्चे अब सिर नीचे की करवट में हैं; जो नहीं हैं, उनके पास अभी पलटने के हफ़्ते बाक़ी हैं.

आपके शरीर में बदलाव

रात की पेशाब-यात्राएँ अब दो-तीन होना सामान्य है. पानी घटाने का ग़लत इलाज फिर याद दिला दें — पानी पूरा पीना है; बस सोने से ठीक पहले का गिलास शाम की तरफ़ खिसका लीजिए.

पेशाब के साथ हँसने-छींकने पर बूँदें निकल जाना (स्ट्रेस इनकॉन्टिनेन्स) भी अब आम शिकायत है — पेल्विक फ़्लोर पर नौ महीने का बोझ है. कीगल कसरत यहीं काम आती है: पेशाब रोकने वाली मांसपेशी को दस बार कसना-छोड़ना, दिन में तीन बार. आज सीखी कसरत प्रसव के बाद भी काम देगी.

पसलियों में लात, करवट लेने में मशक़्क़त, और उठते-बैठते 'हुँह' की आवाज़ — सब इस हफ़्ते के सामान्य हैं. शरीर मज़ाक़ नहीं कर रहा; वह डेढ़ किलो का बच्चा, पानी और प्लेसेंटा ढो रहा है.

इस सप्ताह क्या करना है

किक-गिनती रोज़ — अब यह लिखने की नहीं, दोहराने की बात है. गिनती का समय परिवार को भी पता हो, ताकि उस आधे घंटे में आपसे काम न माँगे जाएँ.

32-सप्ताह ग्रोथ-स्कैन की तारीख़ इसी या अगले हफ़्ते — पक्की है ना? उसके सवाल तैयार रखिए: वज़न कितना, पानी कितना, प्लेसेंटा कहाँ, सिर किधर.

कीगल रोज़ की सूची में जुड़ जाए — याद रखने की तरकीब: हर बार चाय बनाते समय, या फ़ोन पर बात करते समय. किसी को दिखता नहीं, इसलिए कहीं भी हो सकती है.

प्रसव के बाद के पहले हफ़्ते की खाने-व्यवस्था अभी बोल लीजिए — कौन बनाएगा, क्या बनेगा. हरीरा-पंजीरी-गोंद के लड्डू जैसी परंपराएँ अच्छी हैं (ऊर्जा-घी-सूखा मेवा); बस उन्हें खाने की जगह नहीं, खाने के साथ रहना है. दूध बनाने की मशीन को रोज़ सादा, पूरा खाना चाहिए.

इकतीसवाँ सप्ताह: एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बातइकतीसवें सप्ताह में
मुख्य घटनापाँचों इंद्रियाँ काम पर (सूँघना — तैयार, इम्तिहान जन्म के बाद)
बच्चे का आकार41 सेंटीमीटर, ~1.6-1.7 किलो
बच्चे में नयापुतली का रोशनी-हिसाब; तापमान-नियंत्रण की तैयारी
आपके मुमकिन लक्षणबार-बार पेशाब की वापसी, छींक पर बूँदें, पसली में लात
नई कसरतकीगल — 10 बार कसना-छोड़ना, दिन में 3 बार
क़रीब32-सप्ताह ग्रोथ-स्कैन — सवाल तैयार रखें
घर की बातप्रसव-बाद के खाने की व्यवस्था तय

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

हलचल पहली पंक्ति — दो घंटे में दस नहीं, या दिन अलग शांत: उसी समय फ़ोन. बाक़ी सूची (नियमित कसाव, पानी जैसा स्राव, रक्तस्राव, सिरदर्द-चमक-सूजन, बुख़ार, जलन, खुजली, आराम की साँस-तकलीफ़, गिरना) जस की तस — उसी दिन.

पेशाब की बूँदें और पानी की थैली का रिसाव अलग चीज़ें हैं — बूँदें छींक-हँसी पर आती हैं और रुक जाती हैं; रिसाव अपने आप, रुक-रुककर या लगातार भीगता रहता है और उसकी गंध पेशाब जैसी नहीं होती. शक भर हो, तो भी जाँच उसी दिन — रिसी थैली इंतज़ार नहीं झेलती.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

अपनी डिलीवरी की तारीख़ निकालें

आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.

यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: बच्चे को अंदर से मेरी गंध कैसे पहुँचेगी — पानी में तो गंध नहीं? — एम्नियोटिक पानी में आपके खाने-शरीर के अणु घुले रहते हैं, और यही 'स्वाद-गंध' की पहली पहचान बनते हैं. जन्म के बाद माँ का दूध वैसे ही स्वादों की झलक लिए होता है — बच्चा जानी-पहचानी दुनिया में उतरता है.

सवाल: कीगल सही कर रही हूँ, कैसे पता चले? — पहचान: पेशाब बीच में रोककर देखिए — जो मांसपेशी रुकने पर कसती है, वही है (यह सिर्फ़ पहचान के लिए; रोज़ पेशाब रोकने का अभ्यास मत बनाइए). कसते समय पेट-जाँघ-साँस सामान्य रहें, सिर्फ़ भीतर की मांसपेशी काम करे.

सवाल: बच्चा अभी सिर ऊपर (ब्रीच) है — अभी से चिंता करूँ? — नहीं. इकतीस पर ब्रीच होना आम है और ज़्यादातर बच्चे छत्तीस तक ख़ुद पलट जाते हैं. हिसाब की घड़ी छत्तीसवें सप्ताह की है — तब भी ब्रीच रहे तो डॉक्टर विकल्प बताएँगे (पलटाने की कोशिश/सिज़ेरियन की योजना).

सवाल: लेटते ही पसलियों में दर्द — बैठकर सोऊँ? — आधा-बैठा सहारा (दो-तीन तकियों की ढलान) कई महिलाओं को इन हफ़्तों में सबसे आरामदेह लगता है — जलन और साँस दोनों के लिए भी. जो मुद्रा नींद दे, वही सही मुद्रा है — बशर्ते सीधी पीठ के बल लंबी नींद न हो.

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समीक्षा

  • Nakul PhatakCEO, theAsianparent India & Indonesia
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni ChuganiHead of Marketing, theAsianparent India & Singapore
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम