
तीसरी तिमाही का बड़ा स्कैन इसी हफ़्ते के आसपास है — बच्चे का वज़न, पानी, प्लेसेंटा, करवट: चार जवाब एक साथ. रिपोर्ट के शब्दों से डरने की जगह उनके मतलब समझिए.
बत्तीस के आसपास का ग्रोथ-स्कैन चार सवालों के जवाब देता है: बच्चा कितना बढ़ा (वज़न का अनुमान), पानी कितना है (एम्नियोटिक फ़्लुइड इंडेक्स), प्लेसेंटा कहाँ और कैसी हालत में है, और बच्चे की करवट क्या है.
रिपोर्ट में वज़न ग्रामों में और 'पर्सेंटाइल' में आएगा — वही पर्सेंटाइल जो जन्म के बाद ग्रोथ-चार्ट पर मिलेगा. दसवीं से नब्बेवीं रेखा के बीच का हर आँकड़ा सामान्य की चौड़ी पट्टी में है; उसके बाहर के आँकड़ों की व्याख्या डॉक्टर का काम है, गूगल का नहीं.
जिनका प्लेसेंटा एनॉमली-स्कैन में 'नीचे' था, उनका दोबारा-हिसाब भी यहीं होता है — ज़्यादातर मामलों में वह अब तक ऊपर 'चढ़' चुका होता है, और रिपोर्ट की एक पंक्ति महीनों की दबी चिंता उतार देती है.
बच्चा अब जिकामा/शलजम के बड़े गट्ठर जितना — बयालीस सेंटीमीटर, वज़न पौने दो किलो के आसपास. नाख़ून उँगलियों के सिरों तक पहुँच गए हैं — जन्म के हफ़्ते भर में पहली नेल-कटिंग की तैयारी रखिए.
त्वचा अब पारदर्शी नहीं — चर्बी की परत ने उसे अपारदर्शी और गुलाबी बना दिया है. सिर के बाल (जिनके नसीब में हों) अब अच्छे-ख़ासे हैं, और लानुगो लगभग विदा हो चुका है.
ज़्यादातर बच्चे अब सिर नीचे, पीठ एक तरफ़ की करवट में जम रहे हैं — प्रसव की सही मुद्रा. हलचल का ढंग अब पूरा 'धक्का-खिंचाव-लहर' वाला है; मात्रा वही रहनी चाहिए — यह हर हफ़्ते दोहराने लायक़ वाक्य है.
साँस अब सबसे छोटी अवस्था में है — गर्भाशय पसलियों तक है. राहत की ख़बर पहले से सुन रखिए: आख़िरी हफ़्तों में बच्चा नीचे उतरेगा (लाइटनिंग), और साँस अचानक खुल जाएगी — बदले में पेशाब की हाज़िरी और बढ़ेगी. सौदा यही है.
कोलोस्ट्रम — गाढ़ा पीला पहला दूध — अब स्तनों से कभी-कभी रिस सकता है. यह बिल्कुल सामान्य है और अच्छी तैयारी की निशानी है; ब्रा में सूती पैड रखने भर का इंतज़ाम चाहिए. न रिसे तो भी सब सामान्य — रिसना तैयारी का पैमाना नहीं है.
मन अब 'घोंसला बनाने' के दौर (नेस्टिंग) में घुस सकता है — अचानक अलमारियाँ जमाने, कोने रगड़ने का जोश. जोश का इस्तेमाल कीजिए, पर सीढ़ी पर चढ़कर पंखा साफ़ करने वाला जोश नहीं — ऊँचाई-झुकाव वाले काम दूसरों के नाम.
ग्रोथ-स्कैन कराइए और रिपोर्ट डॉक्टर से पूरी पढ़वाइए. चार सवाल पूछकर लौटिए: वज़न ठीक चाल पर? पानी सामान्य? प्लेसेंटा ऊपर और ठीक? सिर नीचे?
इस मुलाक़ात से डॉक्टर से 'कब भागकर आना है' की सूची भी ताज़ा कर लीजिए — अब वह सूची प्रसव के लक्षणों (पानी फूटना, नियमित दर्द, ख़ून वाला म्यूकस) से भी जुड़ने लगी है. 5-1-1 की कसौटी और अपने अस्पताल का चौबीस घंटे वाला नंबर — दोनों फ़ोन में दर्ज हों.
छुट्टी की तारीख़ पक्की कीजिए — ज़्यादातर महिलाएँ छत्तीस-सैंतीस के आसपास काम से हटती हैं; बैठे काम में कुछ और आगे भी चलती हैं. आपकी तारीख़ आपकी थकान, सफ़र और डॉक्टर की सलाह से बने — किसी और की मिसाल से नहीं.
घर में बच्चे की जगह अब तैयार दिखने लगे — बिस्तर/पालना अपनी जगह, कपड़ों की अलमारी का एक ख़ाना, मालिश-नहलाने का सामान एक टोकरी में. यह तैयारी काम भी है और मन की दवा भी.
इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.
| बात | बत्तीसवें सप्ताह में |
|---|---|
| मुख्य घटना | ग्रोथ-स्कैन — वज़न, पानी, प्लेसेंटा, करवट |
| बच्चे का आकार | 42 सेंटीमीटर, ~1.75 किलो; नाख़ून पूरे |
| आपके मुमकिन लक्षण | सबसे छोटी साँस, कोलोस्ट्रम का रिसाव, नेस्टिंग |
| फ़ोन में दर्ज हो | अस्पताल का 24-घंटे नंबर; 5-1-1 की कसौटी |
| तय कीजिए | काम से छुट्टी की तारीख़ |
| घर में | बच्चे की जगह तैयार — बिस्तर, कपड़े, टोकरी |
| रोज़ जारी | किक-गिनती, कीगल, कैल्शियम-आयरन |
हलचल पहली पंक्ति — कम लगे तो उसी समय फ़ोन. और अब प्रसव-लक्षणों की सूची भी बराबर की: पानी फूटना (हरा-भूरा हो तो और भी फ़ौरन), नियमित होते दर्द, ख़ून — 37 से पहले इनमें से कुछ भी दिखे तो यह 'समय से पहले' की घंटी है, और उसी समय अस्पताल पहुँचना है (ज़रूरत पर 108).
बाक़ी सूची — सिरदर्द-चमक-सूजन, बुख़ार, जलन, खुजली, आराम की साँस-तकलीफ़, गिरना — उसी दिन वाली ही है. तीसरी तिमाही में 'देख लेंगे' नाम की कोई श्रेणी नहीं होती.
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.
आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.
यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.
सवाल: स्कैन में वज़न 1.6 किलो आया, बहन के बच्चे का इसी हफ़्ते 2 किलो था — मेरा छोटा है? — स्कैन का वज़न ±10-15% के अंदाज़े वाला आँकड़ा है, और बच्चों की सामान्य पट्टी चौड़ी है. तुलना अपने ही पिछले स्कैन से होती है — दूसरे बच्चों से नहीं. डॉक्टर चाल देखते हैं, एक दिन की नाप नहीं.
सवाल: 'पानी थोड़ा कम' रिपोर्ट में आया — कितनी चिंता करूँ? — सीमा के भीतर का 'थोड़ा कम' अक्सर सिर्फ़ ज़्यादा पानी पीने और दोबारा नाप की बात होता है; सीमा से नीचे का हिसाब डॉक्टर निगरानी से करते हैं. दोनों में आपका काम एक ही है — पानी पूरा पीना, हलचल गिनना, और बुलाई गई तारीख़ पर हाज़िर रहना.
सवाल: कोलोस्ट्रम अभी से निकालकर जमा करूँ? कहीं पढ़ा है. — कुछ ख़ास हालात (जैसे शुगर वाली गर्भावस्था) में डॉक्टर 36-37 के बाद यह सलाह देते हैं — पर यह हमेशा डॉक्टर से पूछकर, क्योंकि निप्पल की उत्तेजना कसाव ला सकती है. अपने मन से इस हफ़्ते यह शुरू करने की चीज़ नहीं है.
सवाल: बच्चे की हलचल से पेट पर लहर-सी दिखती है — घरवाले हँसते हैं. यह सामान्य है? — पूरी तरह — और यह तीसरी तिमाही का सबसे अच्छा तमाशा है. पेट की दीवार पतली पड़ गई है और बच्चा बड़ा — कोहनी-एड़ी की हर लहर अब दिखती है. दिखाइए, हँसिए, वीडियो बनाइए — यही हफ़्ते हैं.
प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम
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