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गर्भावस्था का तैंतीसवाँ सप्ताह: माँ से मिलती रोग-प्रतिरोधक ढाल

गर्भावस्था · theAsianparent · अपडेट किया गया

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गर्भावस्था का तैंतीसवाँ सप्ताह: माँ से मिलती रोग-प्रतिरोधक ढाल

आप बिना जाने बच्चे को एक और चीज़ दे रही हैं — बीमारियों से लड़ने की तैयार फ़ौज. आपकी एंटीबॉडी अब प्लेसेंटा से उतरकर बच्चे के पहले महीनों की ढाल बन रही हैं.

विरासत में फ़ौज

जन्म के बाद के पहले महीनों में बच्चे का अपना रोग-प्रतिरोधक तंत्र नौसिखिया होता है. फिर भी वह इतनी बीमारियों से बचा रहता है — राज़ इन हफ़्तों में है: आपकी एंटीबॉडी प्लेसेंटा के रास्ते उसके ख़ून में उतर रही हैं.

आपने ज़िंदगी भर जिन बीमारियों से लड़कर या टीके लगवाकर जो हथियार बनाए, उनकी नक़लें अब बच्चे के पास जा रही हैं — मुफ़्त की तैयार फ़ौज, जो उसके पहले छह महीनों की सबसे बड़ी ढाल है.

यही वजह है कि गर्भ के टीके (Td, फ़्लू) सिर्फ़ आपके लिए नहीं थे — उनकी एंटीबॉडी भी इसी रास्ते बच्चे तक पहुँचती हैं. और यही सिलसिला जन्म के बाद माँ के दूध — ख़ासकर पहले गाढ़े कोलोस्ट्रम — से जारी रहता है.

इस सप्ताह आपका बच्चा

बच्चा अब अनन्नास जितना — तैंतालीस सेंटीमीटर, वज़न दो किलो के आसपास. खोपड़ी की हड्डियाँ अभी जुड़ी नहीं हैं — जन्म के रास्ते के लिए वे एक-दूसरे पर चढ़ सकती हैं; सिर की वह 'नरम जगह' (फॉन्टानेल) इसी इंतज़ाम का हिस्सा है और डेढ़ साल तक रहेगी.

एम्नियोटिक पानी अब अपनी सबसे ऊँची मात्रा के आसपास है — यहाँ से जन्म तक वह धीरे-धीरे घटेगा, क्योंकि जगह बच्चा लेता जाएगा.

बच्चा अब दिन में ज़्यादातर समय सोता है — और उसकी गहरी (REM) नींद का हिस्सा बड़ों से कहीं ज़्यादा है. दिमाग़ की बुनाई का सबसे भारी काम नींद में ही चलता है.

आपके शरीर में बदलाव

श्रोणि (पेल्विस) पर दबाव अब रोज़ की बात है — नीचे 'भारीपन' का एहसास, जाँघों की जड़ों में खिंचाव, और कभी-कभी बिजली जैसी चुभन (मशहूर नाम — 'लाइटनिंग क्रॉच'). बच्चे का सिर नीचे बैठ रहा है; एहसास उसी का है.

चाल अब और धीमी — और यह धीमापन सही है. हर काम के बीच बैठने का ठिकाना, सीढ़ियों में रेलिंग, और रिक्शे-गाड़ी में चढ़ते-उतरते हाथ का सहारा — यह एहतियात की सूची है, कमज़ोरी की नहीं.

नींद अब सबसे क़ीमती और सबसे मुश्किल दोनों है. तकियों का ढाँचा, सोने से पहले गुनगुना दूध या हल्का नाश्ता, स्क्रीन की छुट्टी, और दिन की झपकी — जो-जो काम करे, सब जायज़ है. नींद की गोली भर अपने मन से नहीं.

इस सप्ताह क्या करना है

अस्पताल-बैग पर आख़िरी मुहर — भरा, बंद, और घर में सबको पता कि कहाँ रखा है. गाड़ी/सवारी वाले को भी एक बार बता दीजिए कि 'उस दिन' कौन सा रास्ता और कौन सा गेट.

प्रसव के लक्षणों की पहचान परिवार के साथ दोहरा लीजिए — पानी फूटना, नियमित दर्द, ख़ून वाला म्यूकस — और यह भी कि किस हालत में सीधे 108. जो घर पहले से जानता है, वह घबराता नहीं.

बच्चे के डॉक्टर का इंतज़ाम अभी सोच लीजिए — जन्म के बाद पहले हफ़्ते में जाँच और टीके किसके यहाँ होंगे. सरकारी में यह इंतज़ाम जन्म वाले अस्पताल से जुड़ा होता है; निजी में बाल-रोग विशेषज्ञ पहले से तय हो तो पहले दिन की भागदौड़ बचती है.

काम की विदाई के हफ़्ते क़रीब हैं — हैंडओवर की सूची अभी से बनने लगे, ताकि आख़िरी हफ़्ते की भागदौड़ शरीर पर न पड़े.

तैंतीसवाँ सप्ताह: एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बाततैंतीसवें सप्ताह में
मुख्य घटनाएंटीबॉडी की ढाल बच्चे में उतर रही है
बच्चे का आकार43 सेंटीमीटर, ~2 किलो
बच्चे मेंखोपड़ी की लचीली हड्डियाँ; पानी की चोटी
आपके मुमकिन लक्षणश्रोणि का भारीपन, 'लाइटनिंग क्रॉच', मुश्किल नींद
तैयार रहेबैग बंद और सबको पता; लक्षण परिवार को ज़बानी
तय कीजिएबच्चे का डॉक्टर — पहले हफ़्ते की जाँच-टीके
रोज़ जारीकिक-गिनती, कीगल, धीमी साँसें

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

हलचल पहली पंक्ति — कम लगे तो उसी समय फ़ोन. प्रसव-लक्षण 37 से पहले दिखें — पानी, नियमित दर्द, ख़ून — तो उसी समय अस्पताल.

श्रोणि का भारीपन सामान्य है, पर 'नीचे कुछ दबा रहा है' का एहसास अगर लगातार दर्द, नियमित कसाव या स्राव के बदलाव के साथ हो, तो वह जाँच की चीज़ है. फ़र्क़ बताना मुश्किल लगे तो फ़ोन करके ही पूछ लीजिए — प्रसूति-विभाग के फ़ोन इसी के लिए होते हैं.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

अपनी डिलीवरी की तारीख़ निकालें

आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.

यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: बच्चे की नींद और मेरी नींद का समय अलग है — उसे मेरी नींद की ज़रूरत नहीं? — उसकी अपनी घड़ी है और वह ठीक चल रही है. आपकी नींद बच्चे की नींद के लिए नहीं — आपके अपने शरीर की मरम्मत के लिए चाहिए. दोनों घड़ियाँ जन्म के बाद धीरे-धीरे मिलेंगी.

सवाल: सिर की 'नरम जगह' सुनकर डर लगता है — छूने से नुक़सान होगा? — नहीं. फॉन्टानेल के ऊपर मज़बूत झिल्ली होती है — रोज़ का छूना, नहलाना, कंघी सब सुरक्षित है. वह जगह धड़कती दिखे तो भी सामान्य. बस ज़ोर का दबाव नहीं — जो आप वैसे भी नहीं करतीं.

सवाल: एंटीबॉडी मिल रही हैं तो जन्म के बाद टीके क्यों? — माँ की ढाल उधार की है — महीनों में घुल जाती है. टीके बच्चे की अपनी फ़ौज बनाते हैं. दोनों का जोड़ ही पूरा इंतज़ाम है: पहले महीने माँ की ढाल, फिर टीकों की पक्की फ़ौज.

सवाल: बैठे-बैठे पेट एक तरफ़ सख़्त उभर आता है — यह क्या है? — अक्सर बच्चे की पीठ या कूल्हा — करवट के हिसाब से पेट एक तरफ़ टीले जैसा उठ जाता है. हाथ रखिए, धीरे दबाइए — जवाब में हिलेगा भी. यह कसाव (पूरा पेट सख़्त) से अलग है; टीला एक तरफ़ होता है, कसाव पूरे पेट का.

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समीक्षा

  • Nakul PhatakCEO, theAsianparent India & Indonesia
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni ChuganiHead of Marketing, theAsianparent India & Singapore
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम