
भीतर का निर्माण-कार्य अपनी आख़िरी मंज़िलों पर है — गुर्दे पूरे, जिगर काम पर, वज़न रोज़ चढ़ता हुआ. अगले हफ़्ते से हर मुलाक़ात 'अब कभी भी' वाली श्रेणी में आ जाएगी.
इमारत बन चुकी है; अब आख़िरी मंज़िलों की फ़िनिशिंग चल रही है. गुर्दे पूरी तरह बने हैं और पेशाब बनाते हैं, जिगर कचरा छानने का काम सीख चुका है, और शरीर का ज़्यादातर सिस्टम 'चालू हालत' में है.
जो बाक़ी है वह दो चीज़ें हैं — वज़न और दिमाग़. वज़न रोज़ क़रीब तीस ग्राम चढ़ रहा है, और दिमाग़ की बुनाई की रफ़्तार जन्म के दिन तक (और उसके बाद भी) यही रहेगी. आख़िरी हफ़्तों का हर दिन इन्हीं दोनों के नाम है.
आपके कैलेंडर में अगले हफ़्ते से 'टर्म के पास' वाला दौर शुरू होता है — छत्तीस पूरे होते ही हर चीज़ 'अब कभी भी हो सकता है' की श्रेणी में गिनी जाती है. इसलिए यह हफ़्ता आख़िरी ढीले सिरों को बाँधने का है.
बच्चा अब बड़े पपीते जितना — पैंतालीस सेंटीमीटर, वज़न ढाई किलो छूता हुआ. गर्भ में अब पानी से ज़्यादा बच्चा है — करवटों की जगह अब खिंचाव-धक्के हैं.
ज़्यादातर बच्चे अब सिर नीचे जम चुके हैं और कुछ तो श्रोणि में 'फँसने' (एंगेज होने) भी लगे हैं — पहला बच्चा अक्सर जन्म से हफ़्तों पहले एंगेज हो जाता है, दूसरा कभी-कभी सीधे प्रसव में.
सुनने की दुनिया अब पूरी है — बच्चा आवाज़ों में फ़र्क़ करता है, जानी-पहचानी लोरी पर ठहरता है, और तेज़-ग़ुस्सैल आवाज़ों पर हरकत बदलता है. घर की आवाज़ों का जो माहौल अभी है, वही उसके पहले महीनों का 'सामान्य' होगा.
पेट अब अपनी सबसे बड़ी नाप के पास है — नाभि बाहर, त्वचा खिंची हुई, और आईने के सामने 'यह मैं ही हूँ?' वाला पल रोज़. यह सब नौ महीने की मेहनत की शक्ल है — और इसमें से ज़्यादातर लौट जाएगा; अपनी रफ़्तार से.
ब्रैक्सटन-हिक्स अब लंबे और ताक़तवर हो सकते हैं — कभी-कभी इतने कि 'यही तो नहीं है?' का सवाल उठे. कसौटी वही है, और अब उसके साथ नाप भी: कॉन्ट्रैक्शन टाइमर पर आधा घंटा — नियमित होते, पास आते, तेज़ होते दर्द ही असली हैं.
नीचे का दबाव, जाँघों की जड़ों का दर्द, और चाल का 'हिलना-डुलना' — बच्चे के नीचे बैठने के सब इशारे हैं. साँस में हल्की राहत भी उसी की ख़बर हो सकती है.
इस हफ़्ते की सूची छोटी और पक्की है: बैग दरवाज़े के पास, काग़ज़ थैली में, फ़ोन में नंबर (अस्पताल, डॉक्टर, गाड़ी, 108), घर में हर बड़े को लक्षणों की पहचान ज़बानी.
GBS की जाँच — कुछ अस्पताल 35-37 के बीच योनि-स्वैब से यह जाँच कराते हैं (एक सामान्य बैक्टीरिया की, जो प्रसव के समय दवा से सँभल जाता है). आपके यहाँ होती है या नहीं, इस मुलाक़ात में पूछ लीजिए.
प्रसव के दिन बड़े बच्चे / घर / पशु — जिसकी भी ज़िम्मेदारी बँटनी है, उसका नाम तय हो. 'उस दिन देख लेंगे' इस हफ़्ते के बाद जायज़ जवाब नहीं है.
और एक नरम काम: इन आख़िरी हफ़्तों की एक-दो तस्वीरें, पेट पर हाथ रखे — चाहें तो. यह दौर फिर नहीं लौटता, और आगे की भागदौड़ में इसकी याद सिर्फ़ तस्वीरों में बचती है.
इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.
| बात | पैंतीसवें सप्ताह में |
|---|---|
| मुख्य घटना | गुर्दे-जिगर तैयार; वज़न रोज़ ~30 ग्राम |
| बच्चे का आकार | 45 सेंटीमीटर, ~2.4-2.5 किलो |
| बच्चे की करवट | ज़्यादातर सिर नीचे; एंगेज होना शुरू |
| आपके मुमकिन लक्षण | सबसे बड़ा पेट, ताक़तवर अभ्यास-कसाव, नीचे दबाव |
| पूछ लीजिए | GBS जाँच आपके अस्पताल में होती है या नहीं |
| पक्का हो | बैग-काग़ज़-नंबर-ज़िम्मेदारियाँ — सब तय |
| अगले हफ़्ते से | हर हफ़्ते की जाँच; 'अब कभी भी' का दौर |
हलचल पहली पंक्ति — कम लगे तो उसी समय फ़ोन. प्रसव-लक्षण 37 से पहले — उसी समय अस्पताल. सिरदर्द-चमक-सूजन की तिकड़ी — उसी समय बीपी.
पानी की थैली फूटने की पहचान एक बार फिर: अपने आप भीगना — धार से या रिस-रिसकर — जिसे रोका नहीं जा सकता, गंध पेशाब जैसी नहीं. फूटे — रंग जो भी हो — तो नहाने-धोने और 'दर्द शुरू होने के इंतज़ार' में समय नहीं गँवाना; सीधे अस्पताल फ़ोन. पानी हरा-भूरा हो तो यह और भी फ़ौरन की बात है.
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.
आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.
यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.
सवाल: बच्चा 'एंगेज हो गया' डॉक्टर ने कहा — मतलब प्रसव कितनी दूर? — मतलब बस इतना कि सिर श्रोणि में ठीक जगह बैठ गया. पहला बच्चा हफ़्तों पहले एंगेज हो सकता है — यह प्रसव की तारीख़ नहीं बताता, तैयारी की सही दिशा बताता है.
सवाल: ढाई किलो सुनकर घर में 'बच्चा छोटा है' की चर्चा है — जन्म तक कितना होगा? — यहाँ से जन्म तक बच्चा अक्सर आधा से पौना किलो और चढ़ाता है — भारतीय नवजातों का सामान्य दायरा ढाई से साढ़े तीन किलो का है. स्कैन की चाल डॉक्टर देख रहे हैं; घर की चर्चा को यह आँकड़ा सुना दीजिए.
सवाल: अभ्यास-कसाव और असली में फ़र्क़ अब भी समझ नहीं आता — कोई एक पक्की पहचान? — एक ही: चाल. अभ्यास-कसाव बेतरतीब रहते हैं और बदलते नहीं; असली दर्द हर आधे घंटे में अपनी चाल बदलता है — पास, लंबे, तेज़. आधे घंटे की नाप बेतरतीबी दिखाए तो अभ्यास; सीढ़ी चढ़ती लय दिखाए तो अस्पताल.
सवाल: पैंतीस में प्रसव शुरू हो जाए तो क्या होगा? — पैंतीस हफ़्ते का बच्चा 'लेट प्री-टर्म' है — ज़्यादातर थोड़ी निगरानी (कभी NICU के कुछ दिन) से ठीक रहते हैं. पर कोशिश वही है कि यह सवाल सवाल ही रहे — इसीलिए 37 से पहले के हर प्रसव-लक्षण पर उसी समय अस्पताल वाला नियम है.
प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम
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