
गर्भावस्था का सबसे बड़ा स्कैन अब किसी भी दिन हो सकता है — सिर से पैर तक हर अंग की जाँच, चालीस मिनट की बारीक़ नज़र. डरने की नहीं, देखने की चीज़ है.
इस स्कैन के कई नाम हैं — एनॉमली स्कैन, TIFFA, लेवल-II — और एक ही काम: बच्चे के शरीर की सिर से पैर तक जाँच. दिमाग़ के खाने, चेहरे की बनावट, रीढ़ की हर कड़ी, दिल के चार खाने, पेट के अंग, गुर्दे, हाथ-पैर की हड्डियाँ — सब नपता-गिना जाता है.
साथ में आपकी तरफ़ की चीज़ें भी: प्लेसेंटा कहाँ लगा है, पानी कितना है, गर्भाशय-ग्रीवा की लंबाई कितनी. यही स्कैन आगे के पूरे रास्ते का नक़्शा है — इसीलिए यह टालने वाली सूची में कभी नहीं आता.
और एक बात पहले से साफ़ कर देना ज़रूरी है, क्योंकि स्कैन के कमरे में यह सवाल आज भी पूछा जाता है: बच्चे का लिंग यह स्कैन देख सकता है, पर भारत में उसे बताना और पूछना दोनों PCPNDT क़ानून के तहत अपराध हैं. सोनोग्राफ़र नहीं बताएगा, और पूछना उसे मुश्किल में डालना है.
बच्चा अब शिमला मिर्च जितना — साढ़े चौदह सेंटीमीटर, क़रीब दो सौ ग्राम. और इस हफ़्ते की सबसे प्यारी बात: नींद और जागने का चक्र बन गया है — बच्चा अब बाक़ायदा सोता और जागता है, अक्सर आपके उलटे समय पर.
कान अब बाहर से भी अपनी जगह पर हैं और भीतर से काम पर — तेज़ आवाज़ पर बच्चा चौंकता है, लय पर शांत होता है. आपकी आवाज़ सबसे साफ़ पहुँचती है — हड्डियों से होकर, सीधी लाइन से.
लड़की के गर्भ में इसी दौर की एक हैरान करने वाली बात — उसके अंडाशय में जीवन भर के सारे अंडे अभी से बन चुके हैं. यानी आपकी होने वाली नातिन-पोते का आधा हिस्सा भी, एक तरह से, आज आपके भीतर है.
पेट अब छिपाए नहीं छिपता — और उसके साथ शुरू होती है हाथ लगाकर पूछने वालों की क़तार. जिन्हें पेट छूना अच्छा नहीं लगता, वे साफ़ कह सकती हैं — यह शिष्टाचार का नहीं, आपके शरीर का सवाल है.
भूख अब पूरी रफ़्तार पर है. उसे थाली से सँभालिए, पैकेट से नहीं — तेल-नमक-चीनी वाले पैकेट पेट भरते हैं, बच्चे की तिकड़ी (आयरन-कैल्शियम-प्रोटीन) नहीं देते.
साँस हल्की फूलने लगे तो हैरान मत होइए — शरीर पहले से ज़्यादा ख़ून घुमा रहा है और गर्भाशय ऊपर चढ़ रहा है. सीढ़ियों पर रुक-रुक कर चढ़ना समझदारी है, कमज़ोरी नहीं.
एनॉमली स्कैन इसी से बाईसवें सप्ताह के बीच — तारीख़ आ गई हो तो उसकी तैयारी सीधी है: पिछली रिपोर्टों की फ़ाइल साथ, समय से पहुँचना, और पेट पर जेल लगेगा इसलिए दो हिस्से वाले कपड़े. भरे मूत्राशय की ज़रूरत अब आम तौर पर नहीं होती, पर केंद्र की हिदायत मानिए.
स्कैन की रिपोर्ट में 'प्लेसेंटा लो' या 'लो-लाइंग प्लेसेंटा' लिखा आए तो घबराइए मत — इस दौर में यह आम है और ज़्यादातर मामलों में प्लेसेंटा गर्भाशय के बढ़ने के साथ ऊपर 'चढ़' जाता है. डॉक्टर बत्तीसवें सप्ताह के आसपास दोबारा देखते हैं; तब तक की हिदायतें (भारी काम, संबंध) वे ख़ुद बता देंगे.
Td टीके की पहली ख़ुराक अगर अब तक नहीं लगी, तो इसी दौर में लगवा लें — सरकारी केंद्र पर मुफ़्त, MCP कार्ड पर दर्ज.
हर महीने की 9 तारीख़ याद रखें — PMSMA शिविर में सरकारी केंद्रों पर गर्भवती जाँच मुफ़्त होती है, डॉक्टर की देखरेख में. नियमित जाँच निजी में चल रही हो तो भी यह विकल्प जेब के लिए खुला है.
इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.
| बात | अठारहवें सप्ताह में |
|---|---|
| मुख्य घटना | एनॉमली स्कैन की खिड़की खुली (18-22 सप्ताह) |
| बच्चे का आकार | शिमला मिर्च जितना — 14.5 सेंटीमीटर, 200 ग्राम |
| बच्चा कर रहा है | सोना-जागना तय समय पर; आवाज़ों पर प्रतिक्रिया |
| स्कैन में | हर अंग + प्लेसेंटा, पानी, गर्भाशय-ग्रीवा |
| क़ानून | लिंग पूछना-बताना अपराध (PCPNDT) — पूछिए मत |
| टीका | Td की ख़ुराक — मुफ़्त, MCP कार्ड पर दर्ज |
| मुफ़्त जाँच | हर महीने की 9 को PMSMA शिविर |
पुरानी सूची लागू — रक्तस्राव, लगातार दर्द, तेज़ बुख़ार, पेशाब की जलन, अचानक पानी जैसा स्राव, पिंडली की सूजन: उसी दिन डॉक्टर.
स्कैन में कुछ 'देखने लायक़' निकले तो पहला नियम: रिपोर्ट के शब्द गूगल पर डालकर रात ख़राब मत कीजिए. सोनोग्राफ़र की भाषा में 'देखने लायक़' का दायरा बहुत बड़ा है और उसका बड़ा हिस्सा आगे जाकर कुछ नहीं निकलता. रिपोर्ट लेकर सीधे अपने डॉक्टर के पास — व्याख्या उनका काम है.
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.
आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.
यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.
सवाल: स्कैन में सब ठीक आया — अब पक्का सब ठीक है? — यह स्कैन ज़्यादातर बड़ी बनावटी दिक़्क़तें देख लेता है, पर हर चीज़ कोई स्कैन नहीं देख सकता. 'सब ठीक' का मतलब है — जो देखा जा सकता था, वह ठीक है. यह बड़ी और अच्छी ख़बर है; उतनी ही लीजिए.
सवाल: स्कैन के दौरान बच्चा 'सहयोग नहीं कर रहा' कहकर दोबारा बुलाया — कुछ गड़बड़? — नहीं, यह रोज़ की बात है. दिल या रीढ़ का कोई कोण देखने के लिए बच्चे की सही करवट चाहिए; वह न मिले तो टहलाकर या दूसरे दिन बुलाते हैं. यह अधूरी जाँच पूरी करने की मेहनत है, बुरी ख़बर नहीं.
सवाल: बच्चा रात में ज़्यादा हिलता है — दिन में सोता क्यों है? — दिन भर आपकी चाल उसे झुलाती रहती है; आप लेटीं तो झूला रुका और वह जागा. जन्म के बाद के पहले हफ़्तों की उलटी घड़ी की तैयारी अभी से समझ लीजिए.
सवाल: सीने में जलन शुरू हो गई है — खाना छोड़ूँ? — खाना नहीं, तरीक़ा बदलिए: थोड़ा-थोड़ा बार-बार, तला-मसालेदार कम, खाने के तुरंत बाद लेटना बंद, सोते समय सिरहाना ऊँचा. न सँभले तो डॉक्टर से — गर्भ में सुरक्षित दवाएँ हैं; अपने मन से चूर्ण-सोडा नहीं.
प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम
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