
अब हर हफ़्ता वह हफ़्ता हो सकता है — पहली हलचल का. किसी को यह सोलहवें में मिल जाती है, किसी को बाईसवें में. दोनों सामान्य हैं, और इंतज़ार दोनों का मीठा है.
पहली हलचल का एहसास हर औरत अलग शब्दों में बताती है — पेट में तितली उड़ी, बुलबुला फूटा, छोटी मछली फिसली, गैस जैसा कुछ सरका. अंग्रेज़ी में इसका पुराना नाम है 'क्विकनिंग'.
पहली गर्भावस्था में यह औसतन अठारहवें से बीसवें सप्ताह में पकड़ में आता है — पहचान का अभ्यास नहीं होता, इसलिए देर लगती है. दूसरी बार वही एहसास सोलहवें में, कभी उससे भी पहले पहचान लिया जाता है.
इसलिए इस हफ़्ते से पेट की हल्की-फुल्की सरसराहटों पर कान — बल्कि ध्यान — रखिए. और न मिले तो हिसाब मत लगाइए: प्लेसेंटा आगे की दीवार पर हो (स्कैन में दिखता है) तो हलचलें देर से और धीमी महसूस होती हैं. बाईसवें सप्ताह तक कुछ न लगे, तब पूछने की बात है.
बच्चा अब बड़े अमरूद जितना है — साढ़े ग्यारह सेंटीमीटर, क़रीब सौ ग्राम. अगले चार हफ़्तों में वज़न दोगुने से ज़्यादा होने वाला है — रफ़्तार का दौर शुरू है.
आँखें अब रोशनी की ओर धीरे-धीरे घूमने लगी हैं — बंद पलकों के भीतर ही. कान सिर पर अपनी अंतिम जगह के पास पहुँच गए हैं; भीतर की हड्डियाँ सख़्त होते ही अगले हफ़्तों में आवाज़ें पहुँचनी शुरू होंगी.
सिर पर बालों का पैटर्न — भँवर समेत — इसी दौर में तय हो जाता है. दिल रोज़ क़रीब पचास लीटर ख़ून घुमा रहा है, और चेहरे के भाव अब और तरह-तरह के हैं.
गर्भाशय का ऊपरी सिरा अब नाभि और श्रोणि की हड्डी के बीच पहुँच गया है — डॉक्टर अब हर मुलाक़ात में पेट नापना शुरू कर सकते हैं. यह नाप (फ़ंडल हाइट) हफ़्तों के साथ सेंटीमीटर में चढ़ती है — बच्चे की बढ़त का सबसे सादा पैमाना.
कमर के निचले हिस्से और कूल्हों में खिंचाव अब जाना-पहचाना साथी है. राउंड लिगामेंट का पल भर का दर्द — करवट, छींक, झटके पर — भी चलता रहेगा; वह ख़तरा नहीं है.
कुछ महिलाओं को क़ब्ज़ अब फिर सताती है — बढ़ता गर्भाशय आँतों को धीमा करता है और आयरन की गोली अपना हाथ बँटाती है. पानी, रेशा, चाल — तीनों बढ़ाइए; ज़ोर लगाने की आदत बवासीर की ओर ले जाती है, जो गर्भ में वैसे भी झाँकती रहती है.
एनॉमली स्कैन की तारीख़ अभी बुक कर लें — खिड़की अठारह से बाईस सप्ताह की है और अच्छे केंद्रों पर तारीख़ें पहले भर जाती हैं. यह गर्भावस्था का सबसे विस्तृत और सबसे ज़रूरी स्कैन है — इसे टालना विकल्प नहीं है.
पेट से बात करना शुरू करना हो तो यही दौर है — अगले कुछ हफ़्तों में बच्चा आवाज़ें सुनने लगेगा, और सबसे पहले पहचानेगा आपकी. लोरी, बातचीत, पाठ — जो सहज लगे. पति की आवाज़ भी पहुँचती है; उन्हें भी बुलाइए.
दफ़्तर में अब तक नहीं बताया हो तो अब बता दीजिए — पेट अगले हफ़्तों में अपनी ख़बर ख़ुद कर देगा, और छुट्टी-काम की योजना जितनी पहले बने उतनी आपके पक्ष में रहती है.
टिटनेस-डिप्थीरिया (Td) के टीके का समय डॉक्टर से पूछ लें — भारत में यह गर्भ में दो ख़ुराक (या पिछले टीकाकरण के हिसाब से एक बूस्टर) के रूप में दिया जाता है, अक्सर इसी दौर से शुरू करके. सरकारी केंद्र पर मुफ़्त है और MCP कार्ड पर दर्ज होता है.
इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.
| बात | सोलहवें सप्ताह में |
|---|---|
| मुख्य घटना | पहली हलचल की खिड़की खुली (16-22 सप्ताह) |
| बच्चे का आकार | बड़े अमरूद जितना — 11.5 सेंटीमीटर, 100 ग्राम |
| बन रहा है | बालों का पैटर्न, जगह लेते कान, घूमती आँखें |
| आपके मुमकिन लक्षण | कमर-कूल्हों में खिंचाव, क़ब्ज़ की वापसी |
| बुक करना है | एनॉमली (TIFFA) स्कैन — 18-22 सप्ताह, टालना नहीं |
| टीका | Td — समय डॉक्टर से; सरकारी केंद्र पर मुफ़्त |
| नई आदत | पेट से बातचीत — आवाज़ पहचानने के दिन क़रीब हैं |
पुरानी सूची जस की तस — रक्तस्राव, लगातार बढ़ता दर्द, तेज़ बुख़ार, पेशाब की जलन, पिंडली की एक तरफ़ा सूजन: उसी दिन डॉक्टर.
पानी जैसा पतला स्राव अचानक मात्रा में आए — इतना कि कपड़ा भीगे — तो वह सामान्य स्राव नहीं है; पानी की थैली के रिसाव की जाँच उसी दिन होनी चाहिए. सामान्य सफ़ेद स्राव गाढ़ा होता है और धीरे-धीरे बढ़ता है.
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.
आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.
यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.
सवाल: हलचल जैसा कुछ लगा था, फिर दो दिन कुछ नहीं — घबराऊँ? — नहीं. इस दौर में हलचलें रोज़ महसूस हों, यह ज़रूरी नहीं — बच्चा छोटा है और आप दिन भर व्यस्त. रोज़ की गिनती का नियम अट्ठाईसवें सप्ताह से शुरू होता है, अभी नहीं.
सवाल: हलचल पेट में नीचे की तरफ़ लगती है — बच्चा इतना नीचे क्यों? — क्योंकि गर्भाशय अभी वहीं तक है. बच्चा ऊपर चढ़ता जाएगा, हलचलें भी. नीचे की हलचल इस दौर की बिल्कुल सही जगह है.
सवाल: एनॉमली स्कैन में क्या-क्या देखा जाता है? — सिर से पैर तक हर अंग: दिमाग़ के हिस्से, चेहरा, रीढ़, दिल के चारों खाने, पेट के अंग, गुर्दे, हाथ-पैर — और साथ में प्लेसेंटा की जगह, पानी की मात्रा, गर्भाशय-ग्रीवा. इसीलिए यह स्कैन लंबा चलता है और इसकी तारीख़ पक्की रखनी है.
सवाल: बच्चे को अभी से संगीत सुनाने से वह होशियार होता है? — 'होशियार' वाला दावा विज्ञापन है, विज्ञान नहीं. पर आवाज़ें पहुँचती हैं, और जन्म के बाद बच्चा गर्भ में सुनी आवाज़ें-धुनें पहचानता है. सुनाइए इसलिए कि यह जुड़ने का तरीक़ा है — नंबर बढ़ाने का नहीं.
प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम
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