
बाहर से अब भी कुछ नहीं दिखता, पर भीतर रफ़्तार चरम पर है — दिमाग़ हर मिनट हज़ारों कोशिकाएँ जोड़ रहा है. और आपकी रसोई से रिश्ता इन दिनों सबसे पेचीदा है.
इस हफ़्ते के भ्रूण में सबसे बड़ा हिस्सा सिर है — और यह अनुपात ग़लती नहीं है. दिमाग़ इस समय शरीर का सबसे तेज़ बढ़ता अंग है; कोशिकाएँ ऐसी रफ़्तार से बन रही हैं जो ज़िंदगी में फिर कभी नहीं दोहराई जाएगी.
इधर आपके दिन का बड़ा सवाल रसोई है. जो बनाती-खाती आई हैं, उसी की महक से जी मिचलाता है; और घर के लोग 'अब दो लोगों का खाना है' दोहराते हैं जबकि एक रोटी भी मुश्किल से उतरती है.
दोनों बातों का जवाब एक ही है: यह दौर गुज़रता है, और इन हफ़्तों में मात्रा नहीं, बस कुछ न कुछ टिकते रहना काफ़ी है. बच्चा अभी इतना छोटा है कि उसकी ज़रूरतें आपके शरीर के भंडार से पूरी हो रही हैं.
भ्रूण अब काबुली चने जितना है — क़रीब एक सेंटीमीटर. हाथ-पैर की कलियाँ बढ़कर चप्पू जैसी हो गई हैं; उँगलियाँ अभी जुड़ी हुई हैं, अगले हफ़्तों में अलग होंगी.
चेहरा रोज़ थोड़ा और बन रहा है — नथुनों की जगहें, होंठ का ऊपरी हिस्सा, आँखों पर पहली झिल्ली. भीतर फेफड़ों की मुख्य नली फूट रही है और आँतें लंबी हो रही हैं.
और सबसे ऊपर वही चल रहा है जो इस हफ़्ते की पहचान है — दिमाग़ के तीनों हिस्से (अगला, बीच का, पिछला) अपनी-अपनी जगह लेते हुए, हर मिनट हज़ारों नई कोशिकाओं के साथ.
hCG अब भी चढ़ रहा है, इसलिए मतली-थकान-अरुचि की तिकड़ी बनी हुई है. लार ज़्यादा बनना भी इन दिनों की एक अनकही दिक़्क़त है — यह भी हॉर्मोन का ही काम है और गुज़र जाता है.
स्तनों के इर्द-गिर्द का घेरा (एरिओला) गहरा होने लगता है और उन पर नन्हे दाने उभर आते हैं. ये दूध के आने वाले महीनों की तैयारी है — कोई बीमारी नहीं.
और मन का मौसम — एक पल में सब अच्छा, अगले पल बिना बात रोना. प्रोजेस्टेरोन दिमाग़ पर भी असर करता है. घरवालों को इतना बता दें कि यह हॉर्मोन का दौर है — समझ मिलना आधा इलाज है.
अगर पहली मुलाक़ात अब तक नहीं हुई, तो यह हफ़्ता उसकी आख़िरी सही खिड़की है. आठवें से तेरहवें सप्ताह के बीच डेटिंग स्कैन होना है — उसकी तारीख़ इसी मुलाक़ात में तय होगी.
मतली में भी जो दो चीज़ें रोज़ चाहिए: पानी (घूँट-घूँट, दिन भर) और थोड़ा प्रोटीन (दाल का पानी, दही, छाछ, भुने चने — जो भी टिके). बाक़ी सब इन हफ़्तों में माफ़ है.
मुँह का स्वाद ख़राब रहना और लार बनना — इनके लिए इलायची, सौंफ़, या नींबू का टुकड़ा काम आता है. उल्टी के बाद पानी से कुल्ला करें, तुरंत ब्रश नहीं — उल्टी का तेज़ाब दाँतों की परत को नरम कर देता है.
काम की जगह लंबी खड़ी शिफ़्ट या रात की ड्यूटी हो, तो अभी से बदलाव की बात सोचना शुरू करें. क़ानूनन बदलाव बाद के महीनों की बात है, पर जुगत पहले से बैठ जाए तो आसान रहता है.
इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.
| बात | सातवें सप्ताह में |
|---|---|
| मुख्य घटना | दिमाग़ की सबसे तेज़ बढ़त — हर मिनट हज़ारों कोशिकाएँ |
| बच्चे का आकार | काबुली चने जितना — क़रीब 1 सेंटीमीटर |
| बन रहा है | चप्पू जैसे हाथ-पैर, चेहरे के हिस्से, फेफड़ों की नली |
| आपके मुमकिन लक्षण | मतली, लार ज़्यादा, एरिओला गहरे, मन का उतार-चढ़ाव |
| खाने में ज़रूरी | पानी घूँट-घूँट + कोई भी टिकने वाला प्रोटीन |
| अभी करना है | पहली मुलाक़ात (न हुई हो तो) और डेटिंग स्कैन की तारीख़ |
| चलता रहे | फ़ोलिक एसिड रोज़ |
रक्तस्राव, एक तरफ़ का बढ़ता दर्द, कंधे तक जाता दर्द, चक्कर — पहले जैसी ही हिदायत: उसी दिन अस्पताल. सातवें सप्ताह तक एक्टोपिक की आशंका पर से पर्दा उठ जाना चाहिए — इसीलिए पहली मुलाक़ात टालनी नहीं है.
बुख़ार सौ के पार, पेशाब में जलन, या पानी न टिकना — तीनों उसी दिन डॉक्टर को बताने की बातें हैं. गर्भ के शुरुआती हफ़्तों में तेज़ बुख़ार अपने आप में इलाज माँगता है — पर दवा डॉक्टर की ही, अपने मन की नहीं.
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.
आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.
यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.
सवाल: खट्टा खाने की तलब का कोई मतलब है? लोग कहते हैं लड़का/लड़की… — तलब का लिंग से कोई रिश्ता नहीं — यह सिर्फ़ हॉर्मोन और बदले स्वाद की बात है. इमली-आम खाइए, बस साफ़-सुथरा हो. लिंग का अंदाज़ा लगाने के सारे घरेलू पैमाने बराबर के ग़लत हैं.
सवाल: उल्टी में गोली निकल गई — दोबारा लूँ? — गोली खाने के आधे घंटे के भीतर साबुत निकल जाए तो दोहराई जा सकती है; बाद में निकले तो नहीं. बार-बार ऐसा हो तो डॉक्टर से समय बदलवा लें.
सवाल: पपीता-अनानास से गर्भ गिरता है? — पका पपीता और सामान्य मात्रा का अनानास नुक़सान के प्रमाण नहीं रखते; कच्चे पपीते से बचने की सलाह ज़रूर दी जाती है. घर में इस पर बहस हो तो पका फल खाइए और बात ख़त्म — डर से पूरी फल-टोकरी छोड़ने की ज़रूरत नहीं.
सवाल: दो लोगों का खाना कब से खाना है? — कभी नहीं, उस मतलब में. पूरी गर्भावस्था में ज़रूरत बस क़रीब 350 कैलोरी अतिरिक्त की है — एक छोटे नाश्ते जितनी — और वह भी दूसरी तिमाही से. ज़रूरत मात्रा की नहीं, गुणों की है: आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन.
प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम
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