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गर्भावस्था का सत्रहवाँ सप्ताह: बच्चे पर चर्बी की पहली परत

गर्भावस्था · theAsianparent · अपडेट किया गया

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गर्भावस्था का सत्रहवाँ सप्ताह: बच्चे पर चर्बी की पहली परत

अब तक बच्चा 'दुबला' था — इस हफ़्ते से उस पर चर्बी की पहली परत चढ़नी शुरू होती है. जन्म के दिन जो गोल-मटोल गाल दिखेंगे, उनकी शुरुआत यहाँ है.

गोल-मटोल गालों की नींव

जन्म के दिन बच्चों की जो तस्वीर मन में है — भरे गाल, गोल बाँहें — उसकी असली सामग्री चर्बी है, और उसकी पहली परत इसी हफ़्ते से चढ़नी शुरू होती है.

यह चर्बी सुंदरता के लिए नहीं, ज़िंदगी के लिए है: जन्म के बाद शरीर का तापमान सँभालने का मुख्य इंतज़ाम यही परत है. अभी बच्चे के वज़न में चर्बी नाम मात्र है; जन्म तक वह अच्छा-ख़ासा हिस्सा होगी.

इधर आपके शरीर में भी 'ढाँचे' का काम चल रहा है — हॉर्मोन रिलैक्सिन जोड़ों के बंधन ढीले कर रहा है, ताकि श्रोणि प्रसव के लिए खुल सके. उसका साइड-इफ़ेक्ट: कमर, कूल्हे और कभी-कभी घुटनों में नई-नई शिकायतें. यह हफ़्ता उन्हीं के इंतज़ाम का है.

इस सप्ताह आपका बच्चा

बच्चा अब बड़ी नाशपाती जितना है — तेरह सेंटीमीटर, क़रीब एक सौ चालीस ग्राम. अब वह प्लेसेंटा से बड़ा हो गया है — अब तक प्लेसेंटा भारी था.

गर्भनाल मोटी और मज़बूत हो रही है — उसमें दो धमनियाँ और एक शिरा है, और वह इस पूरी कहानी की जीवन-रेखा है. पसीने की ग्रंथियाँ बननी शुरू हो गई हैं.

कंकाल नरम कार्टिलेज से हड्डी बनता जा रहा है, और सुनने की हड्डियाँ जमने के साथ बच्चा अब धीरे-धीरे आवाज़ों की दुनिया में दाख़िल हो रहा है — सबसे पहले आपके दिल की धड़कन, पेट की गुड़गुड़, और ख़ून के बहने की लय.

आपके शरीर में बदलाव

वज़न की बढ़त अब दिखने लगी है और उसका असर चाल पर भी — गुरुत्व का केंद्र आगे खिसक रहा है, और शरीर अनजाने में पीछे झुककर उसकी भरपाई करता है. यही झुकाव कमर-दर्द की जड़ है.

इसका इलाज मुद्रा में है: खड़े होते समय सीधा, बैठते समय कमर के पीछे सहारा, उठाते समय घुटने मोड़कर (कमर झुकाकर नहीं), और ऊँची एड़ी की चप्पल को कुछ महीनों की छुट्टी.

नींद में करवट अब आदत बन जानी चाहिए — और घुटनों के बीच का तकिया उसका सबसे अच्छा दोस्त. पीठ के बल आँख खुले तो घबराइए नहीं; करवट लेकर फिर सो जाइए. शरीर ख़ुद भी अब पीठ के बल ज़्यादा देर टिकने नहीं देता.

इस सप्ताह क्या करना है

एनॉमली स्कैन की तारीख़ पक्की है ना? अगले हफ़्ते से खिड़की खुल रही है. स्कैन लंबा चलता है (आधा घंटा-चालीस मिनट) — उस दिन आराम से समय लेकर जाइए, और पति या कोई साथ हो तो बेहतर: यह स्कैन देखने लायक़ होता है.

कमर के लिए दस मिनट की कसरत रोज़ जोड़ लें — बिल्ली-गाय वाला झुकाव (कैट-काउ), दीवार के सहारे स्क्वॉट, पेल्विक टिल्ट. सिखाने वाला वीडियो नहीं, हो सके तो एक बार फ़िज़ियोथेरेपिस्ट — सही ढंग एक बार सीख लिया तो नौ महीने काम देगा.

खाने में अब तीन चीज़ों का पहरा एक साथ: आयरन (हरी सब्ज़ी, गुड़, IFA गोली), कैल्शियम (दूध-दही, गोली अलग समय पर), प्रोटीन (हर थाली में दाल/दही/अंडा). यह तिकड़ी अब जन्म तक साथ चलेगी.

बवासीर और क़ब्ज़ से बचाव अभी से: पानी दिन भर, थाली में रेशा, और शौच में मोबाइल लेकर बैठने की आदत ख़त्म — जितनी देर सीट पर, उतना दबाव नसों पर.

सत्रहवाँ सप्ताह: एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बातसत्रहवें सप्ताह में
मुख्य घटनाचर्बी की पहली परत — तापमान सँभालने की तैयारी
बच्चे का आकारबड़ी नाशपाती जितना — 13 सेंटीमीटर, 140 ग्राम
बन रहा हैमोटी होती गर्भनाल, पसीने की ग्रंथियाँ, सुनने की हड्डियाँ
आपके मुमकिन लक्षणकमर-दर्द की शुरुआत, बदलती चाल, ढीले जोड़
अगले हफ़्तेएनॉमली स्कैन की खिड़की खुलती है
रोज़ की तिकड़ीआयरन + कैल्शियम + प्रोटीन — जन्म तक
नई आदतकमर की दस मिनट की कसरत; घुटनों के बीच तकिया

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

पुरानी सूची क़ायम — रक्तस्राव, लगातार दर्द, तेज़ बुख़ार, पेशाब की जलन, पानी जैसा अचानक स्राव, पिंडली की एक तरफ़ा सूजन: उसी दिन डॉक्टर.

चक्कर अब एक नए कारण से भी आ सकता है — पीठ के बल लेटने पर गर्भाशय बड़ी शिरा को दबाता है और बीपी गिर जाता है. लेटे-लेटे चक्कर आए तो बायीं करवट लीजिए, संभल जाएगा. पर खड़े-खड़े बार-बार चक्कर, या बेहोशी — यह ख़ून की कमी की भी निशानी है, अगली मुलाक़ात से पहले बताइए.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

अपनी डिलीवरी की तारीख़ निकालें

आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.

यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: वज़न कितना बढ़ जाना चाहिए था अब तक? — शुरुआती बनावट पर तय है, पर मोटा हिसाब: पहली तिमाही में एक-दो किलो (मतली में कुछ नहीं भी), और अब से हर हफ़्ते आधा किलो के आसपास. आपकी अपनी सीमा डॉक्टर तय करेंगे — पड़ोस की तुलना से नहीं.

सवाल: पेट पर सोने का मन करता है — नुक़सान होगा? — इस दौर के बाद पेट के बल लेटना ख़ुद ही असंभव होता जाता है, और उससे पहले बच्चा पानी की थैली में सुरक्षित है. आराम मिले तो करवट और पेट के बीच की तिरछी मुद्रा आज़माइए — तकिये के सहारे.

सवाल: दिल की धड़कन तेज़ रहती है — ठीक है? — गर्भ में दिल पहले से ज़्यादा ख़ून घुमाता है, इसलिए दस-पंद्रह धड़कन तेज़ चलना सामान्य है. बैठे-बैठे धड़कन का बेक़ाबू भागना, साँस फूलना या सीने में दर्द — यह अलग बात है, यह बताइए.

सवाल: पैर में रात को नस चढ़ जाती है — क्या करूँ? — गर्भ की आम शिकायत है. पंजे को ऊपर की ओर खींचिए (उँगलियाँ अपनी तरफ़), पिंडली सीधी रखकर — नस उतर जाती है. बचाव: दिन में पानी, शाम को पिंडली का खिंचाव, और डॉक्टर से कैल्शियम-मैग्नीशियम की बात.

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समीक्षा

  • Nakul PhatakCEO, theAsianparent India & Indonesia
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni ChuganiHead of Marketing, theAsianparent India & Singapore
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम