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गर्भावस्था का छब्बीसवाँ सप्ताह: आँखें खुलने की तैयारी

गर्भावस्था · theAsianparent · अपडेट किया गया

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गर्भावस्था का छब्बीसवाँ सप्ताह: आँखें खुलने की तैयारी

जो पलकें चौथे महीने से बंद थीं, वे अब खुलने को हैं. दूसरी तिमाही की आख़िरी सीढ़ियाँ चल रही हैं — जो फुर्ती आज है, वही अगले हफ़्तों की पूँजी है.

बंद पलकों के पीछे तैयार आँखें

चौथे महीने में जो पलकें बंद हुई थीं, उनके पीछे आँखें इतने महीने ख़ाली नहीं बैठी थीं — परतें बनती रहीं, रोशनी पकड़ने वाली कोशिकाएँ सजती रहीं, रंग भरता रहा. अब वह काम पूरा होने को है.

इसी हफ़्ते या अगले, पलकें पहली बार खुलेंगी — और बच्चा गर्भ के धुँधलके में पलकें झपकाना शुरू करेगा. देखने को वहाँ ज़्यादा कुछ नहीं है; पर तेज़ रोशनी पेट पर पड़े तो अब वह उसे 'देखकर' मुँह फेर लेता है, सिर्फ़ भाँपकर नहीं.

आपके लिए यह दूसरी तिमाही की विदाई की शुरुआत है. अगले हफ़्ते के बाद तीसरी तिमाही है — पेट भारी, साँस छोटी, रफ़्तार धीमी. यानी जो भी काम फुर्ती माँगते हैं, उनकी आख़िरी सुविधाजनक खिड़की यही है.

इस सप्ताह आपका बच्चा

बच्चा अब हरी प्याज़ के गट्ठर जितना लंबा — छत्तीस सेंटीमीटर, वज़न आठ सौ ग्राम की ओर. रीढ़ अब मज़बूत हो चुकी है — तैंतीस कड़ियाँ, सैकड़ों जोड़ और स्नायु अपनी जगह पर.

फेफड़ों में सर्फ़ैक्टेंट की मात्रा चढ़ रही है और नाक से पानी की साँसें गहरी हो रही हैं. दिल की धड़कन अब क़रीब 140 के आसपास है — और पापा कान लगाएँ तो कभी-कभी बिना मशीन भी सुनाई दे जाती है.

लड़कों में अंडकोष अब पेट से नीचे उतरने का सफ़र शुरू कर चुके हैं — यह सफ़र जन्म तक चलता है. दिमाग़ की सतह पर सिलवटें बननी शुरू हो गई हैं — याद रखने-सीखने का असली नक़्शा यही सिलवटें हैं.

आपके शरीर में बदलाव

पेट अब सचमुच 'गर्भवती' दिखता है और उसके साथ चाल भी बदल गई है — हल्का पीछे झुका धड़, चौड़े क़दम. यह शरीर का अपना संतुलन-इंतज़ाम है; इससे लड़िए मत, बस जूते सपाट रखिए.

पसलियों के नीचे दबाव की नई शिकायत शुरू हो सकती है — गर्भाशय ऊपर चढ़ता हुआ पसलियों के पिंजरे से जगह माँग रहा है. सीधा बैठना, बीच-बीच में बाँहें ऊपर खींचना, और करवट बदलना — यही राहत है.

ब्रैक्सटन-हिक्स के अभ्यास-कसाव अब जाने-पहचाने हो चले होंगे. पहचान की कसौटी वही: अनियमित, बिना बढ़ते दर्द के, आराम-पानी से शांत. नियमित लय, बढ़ता ज़ोर, या साथ में दर्द-स्राव — उसी दिन डॉक्टर.

इस सप्ताह क्या करना है

दूसरी तिमाही के बचे कामों की सूची निकालिए और इसी हफ़्ते निपटाइए — अस्पताल तय, GTT हो चुकी, Td लग चुका, एंटीनेटल कक्षा चालू? जो छूटा है, अभी करिए; तीसरी तिमाही में हर काम दोगुना भारी लगेगा.

अस्पताल-बैग की सूची बनाइए (अभी सूची — भरना अगले हफ़्तों में): माँ के लिए ढीले कपड़े, पैड, तौलिया; बच्चे के लिए दो-तीन सूती कपड़े, गर्म चादर, टोपी; काग़ज़ों की थैली; और साथ रहने वाले के लिए भी एक जोड़ी कपड़े.

प्रसव के बाद घर में मदद का इंतज़ाम अभी से बोल लीजिए — माँ/सास कब आएँगी, मालिश वाली मौसी का नंबर, खाने का इंतज़ाम पहले हफ़्ते किसके ज़िम्मे. यह इंतज़ाम जितना पक्का, पहले हफ़्ते की नींद उतनी बचती है.

हलचलों की रोज़ की पहचान जारी रखिए — अगले हफ़्तों से गिनती का नियम शुरू होगा. आज का काम बस इतना: बच्चे के 'बोलने के घंटे' आपको ज़बानी याद हों.

छब्बीसवाँ सप्ताह: एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बातछब्बीसवें सप्ताह में
मुख्य घटनापलकें खुलने की तैयारी; दिमाग़ पर सिलवटें शुरू
बच्चे का आकार36 सेंटीमीटर, ~800 ग्राम
बन रहा हैमज़बूत रीढ़, चढ़ता सर्फ़ैक्टेंट, उतरते अंडकोष (लड़कों में)
आपके मुमकिन लक्षणपसलियों के नीचे दबाव, अभ्यास-कसाव, बदली चाल
निपटाने की सूचीअस्पताल, GTT, Td, कक्षा — जो छूटा हो, इसी हफ़्ते
बनानी हैअस्पताल-बैग की सूची; प्रसव-बाद मदद का इंतज़ाम
अगले हफ़्तेदूसरी तिमाही की विदाई

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

पुरानी सूची — रक्तस्राव, लगातार दर्द, तेज़ बुख़ार, पेशाब की जलन, अचानक पानी जैसा स्राव, पिंडली की सूजन, प्री-एक्लैम्प्सिया की तिकड़ी, नियमित कसाव, हथेली-तलवों की खुजली: उसी दिन डॉक्टर.

अब एक आदत और जोड़िए: शाम को एक बार ख़ुद से पूछना — 'आज बच्चा बोला?' जवाब साफ़ 'हाँ' न हो तो लेटकर, कुछ खाकर, एक घंटा ध्यान दीजिए. फिर भी शांत लगे तो उसी शाम फ़ोन कीजिए — कल सुबह नहीं.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

अपनी डिलीवरी की तारीख़ निकालें

आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.

यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: बच्चा गर्भ में रोता भी है? — स्कैन में रोने जैसी हरकतें दिखती हैं — ठुड्डी काँपना, साँस का ख़ास ढंग — पर आँसू और आवाज़ की दुनिया जन्म के बाद की है. इन हरकतों को अभ्यास समझिए, दुख नहीं.

सवाल: सीने की जलन अब रोज़ की है — कब तक चलेगी? — अक्सर जन्म तक — गर्भाशय ऊपर दबाता रहेगा और हॉर्मोन वाल्व ढीला रखेंगे. इंतज़ाम वही: थोड़ा-थोड़ा खाना, रात का खाना जल्दी, सिरहाना ऊँचा, और डॉक्टर से सुरक्षित दवा. प्रसव के दिन यह शिकायत जादू की तरह जाती है.

सवाल: गोद-भराई में लंबा कार्यक्रम है — कितना हिस्सा लूँ? — जितना आराम से हो. बैठने की जगह पक्की रखिए, बीच-बीच में पैर सीधे कीजिए, पानी पीती रहिए, और खाना ताज़ा-गर्म ही लीजिए. रस्में आपको घेरे रहें, आप रस्मों को नहीं — इतना नियम काफ़ी है.

सवाल: नौकरी में रात की पाली है — बदलवाना ज़रूरी है? — हो सके तो हाँ, अब से. रात की पाली और लंबी खड़ी ड्यूटी तीसरी तिमाही में समय-पूर्व प्रसव के जोखिम से जुड़ती हैं. HR से बदलाव की बात इसी हफ़्ते कीजिए — डॉक्टर की पर्ची इसमें आपका काग़ज़ी सहारा है.

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समीक्षा

  • Nakul PhatakCEO, theAsianparent India & Indonesia
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni ChuganiHead of Marketing, theAsianparent India & Singapore
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम