शिशु विकास

शिशु का बारहवाँ सप्ताह: तीन महीने पूरे — पहली तिमाही की पूरी रिपोर्ट

शिशु विकास · theAsianparent · अपडेट किया गया

Google पर पसंदीदा
शिशु का बारहवाँ सप्ताह: तीन महीने पूरे — पहली तिमाही की पूरी रिपोर्ट

बारह हफ़्ते — 'चौथी तिमाही' पूरी. जो नवजात आया था, वह अब मुस्कुराता, खिलखिलाता, पकड़ता, 'बोलता' इंसान है. यह पन्ना तीन महीनों की रिपोर्ट-कार्ड है — और अगले तीन की झलक.

रिपोर्ट-कार्ड का दिन

तीन महीने पहले जो घर एक साँस रोककर सोता था, वह आज एक खिलखिलाहट पर जागता है. बारह हफ़्तों में नवजात 'व्यक्ति' बन गया — पसंद-नापसंद, खेल, आवाज़ें, और सबसे बढ़कर: आपको देखकर खिल जाने वाला चेहरा.

यह पन्ना पूरी तिमाही का लेखा है — क्या-क्या आ जाना चाहिए (और उसकी चौड़ी सामान्य-पट्टी), किन बातों पर डॉक्टर से कहना है, और अगले तीन महीनों में क्या-क्या आने वाला है (पलटना! पकड़ना! और — छह महीने पर — पहला खाना).

और एक पंक्ति घर के नाम: यह तिमाही माँ-बाप की भी पहली तिमाही थी. जो सीखा है — इशारे पढ़ना, रातें काटना, सलाहों में रास्ता निकालना — वह किसी डिग्री से कम नहीं. अपनी पीठ भी थपथपाइए.

इस सप्ताह आपका शिशु

तीन महीने की माइलस्टोन-सूची (सामान्य-पट्टी समेत): सिर की मज़बूत पकड़ — सहारे से बिठाने पर सीधा, टमी टाइम में 45-90°; आँख मिलाकर मुस्कान रोज़ की; खिलखिलाहट आई या राह में; 'कू-गू' के लंबे जवाब; आवाज़ की दिशा में ठहरना/मुड़ने की शुरुआत; हथेली की चीज़ पकड़ना और मुँह ले जाना; दोनों हाथ बीच में; चलती चीज़ का 180° पीछा.

वज़न-लंबाई: जन्म से अब तक ज़्यादातर बच्चे डेढ़ से दो किलो जोड़ चुके हैं और क़रीब 10 सेंटीमीटर लंबे हुए हैं — पर पन्ने भर की गिनती से ज़्यादा भरोसा ऊपर के कैलकुलेटर और MCP कार्ड की चाल पर.

अगली तिमाही की झलक: पलटना (4-6 महीने — ऊँची सतह वाला नियम अब पत्थर की लकीर), ख़ुद बढ़कर पकड़ना, घुटनों तक पैर पकड़कर खेलना, आवाज़ पर पक्का मुड़ना, और छह महीने के दरवाज़े पर — बैठने की तैयारी + पहला खाना. यानी अगला दौर हलचल का है; घर उसी हिसाब से 'बेबी-प्रूफ़' होता चले.

14-सप्ताह के टीके (पेंटा-3, OPV-3, fIPV-2, रोटा-3, PCV-2) अगले हफ़्तों की इकलौती बड़ी तारीख़ है — इसके बाद टीकों में लंबा विराम (सीधे 9 महीने पर MR-1). पहले चरण की आख़िरी क़तार छूटे नहीं.

माँ का हाल भी हाल है

तीन महीने की माँ के लिए भी रिपोर्ट-कार्ड ईमानदार हो: शरीर — रक्तस्राव कब का बंद, टाँके ठीक, कमर-पेल्विक की तकलीफ़ें घट रही हों (न घट रही हों तो फ़िज़ियोथेरेपी असली इलाज है, सहना नहीं). नींद — टुकड़ों में सही, पर कुल जोड़ बढ़ा हो.

मन — यह आख़िरी बार इस शृंखला में, इसलिए साफ़-साफ़: उदासी-चिड़चिड़ाहट-जुड़ाव की कमी अगर अब भी दिन का रंग तय करती है, तो वह 'नई माँ की थकान' नहीं है. पोस्टपार्टम डिप्रेशन पहले साल में कभी भी आ सकता है, पिताओं को भी होता है, और इलाज से पूरा सँभलता है. डॉक्टर, टेली-मानस 14416, या भरोसे का कोई भी दरवाज़ा — खटखटाइए.

काम पर लौटने वालों के लिए विदाई-सूची: पम्पिंग की लय बैठी, सँभालने वाले की ट्रेनिंग पूरी, लिखा हुआ हिदायत-पन्ना दीवार पर, और पहले हफ़्ते के लिए आधे-दिन की गुंजाइश हो सके तो. बच्चा ढल जाएगा — यह वाक्य शोध भी कहता है और हर लौटी हुई माँ भी.

इस सप्ताह क्या करना है

14-सप्ताह के टीकों की तारीख़ इसी हफ़्ते पक्की — ट्रैकर, कार्ड, क़तार. यह पहले चरण की समापन-रेखा है.

तीन महीने की तौल-नाप कैलकुलेटर में डालकर MCP कार्ड से मिलाइए — और अब से महीने की एक तौल की लय काफ़ी है (आँगनवाड़ी की तौल भी गिनती में है).

खेल का अगला स्तर खोलिए: फ़र्श पर साफ़ चादर की 'खेल-ज़मीन' रोज़ की जगह बने — पलटने-घिसटने की सारी पढ़ाई ज़मीन पर होती है, गोद और झूले में नहीं. ऊँची सतहों का नियम दोहराना अब रोज़ का काम है.

और इस शृंखला की विदाई का काम: आगे की राह के लिए 'महीने-दर-महीने विकास' वाला पन्ना बुकमार्क कर लीजिए — अगले पड़ाव वहाँ हफ़्तों के बजाय महीनों की चाल से मिलेंगे. पहले तीन महीने हफ़्तों में जीने की चीज़ थे; अब साँस लंबी की जा सकती है.

बारहवाँ सप्ताह (3 महीने): एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपके शिशु के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बाततीन महीने पर
माइलस्टोनसिर की पकड़, मुस्कान/हँसी, पकड़ना, 'कू-गू', नज़र का पीछा
वज़न-लंबाईजन्म + ~1.5-2 किलो, + ~10 सेमी — चाल देखिए
आख़िरी बड़ी तारीख़14-सप्ताह के टीके — फिर विराम (9 महीने तक)
अगली तिमाहीपलटना, ख़ुद पकड़ना, आवाज़ पर मुड़ना
घर का नियमऊँची सतह पर अकेला पल नहीं; खेल-ज़मीन फ़र्श पर
माँमन का भारीपन टिका हो तो अब कहना ही है — 14416
बुख़ार-नियम3 महीने के बाद भी छोटे शिशु का बुख़ार डॉक्टर की चीज़ है

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

तीन महीने की लाल-झंडी सूची — इनमें से कोई भी हो तो इसी हफ़्ते डॉक्टर: आँख मिलाकर मुस्कान अब तक नहीं; आवाज़ों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं; सिर बिल्कुल नहीं सँभलता; चीज़ें आँखों से पीछा नहीं होतीं; शरीर बहुत ढीला या बहुत अकड़ा; एक तरफ़ के हाथ-पैर साफ़ कम चलते हैं. जल्दी पकड़ा गया हर मामला बेहतर चलता है — 'बड़ा होकर ठीक हो जाएगा' इस सूची पर लागू नहीं.

और बुख़ार का नियम अपडेट: तीन महीने पूरे होने पर 'उसी समय अस्पताल' वाली सख़्ती हल्की होती है, ख़त्म नहीं — 3-6 महीने के शिशु का बुख़ार भी उसी दिन डॉक्टर को दिखाने-पूछने की चीज़ है; अपने मन से दवा अब भी नहीं.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपके शिशु की सेहत, जन्म के हालात और जाँचों का पूरा हाल देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके बाल-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

वज़न-लंबाई चार्ट से मिलाएँ

उम्र, लिंग और वज़न या लंबाई डालें — विश्व स्वास्थ्य संगठन के चार्ट का पर्सेंटाइल मिलेगा. याद रहे: एक नाप नहीं, नापों की चाल मायने रखती है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: पड़ोस का बच्चा इसी उम्र में पलट भी गया — मेरा पीछे है? — नहीं. हर माइलस्टोन की पट्टी हफ़्तों-महीनों चौड़ी है, और पलटना तो 4-6 महीने की चीज़ है ही. तुलना की एक ही सही जगह है — यह बच्चा बनाम यही बच्चा, पिछले महीने. वह चाल ठीक है तो सब ठीक है.

सवाल: तीन महीने पर नींद अचानक फिर बिगड़ गई — 'रिग्रेशन'? — चार महीने के आसपास नींद का ढाँचा सचमुच बदलता है (गहरी-हल्की नींद के चक्र बड़ों जैसे बनते हैं) — रातें कुछ हफ़्ते फिर टूट सकती हैं. यह बीमारी नहीं, अपग्रेड है; दिन-रात का फ़र्क़ और सोने की रस्में (नहाना-दूध-लोरी) यहाँ सबसे ज़्यादा काम आती हैं.

सवाल: चार महीने पूरे होते ही दाल का पानी/केला शुरू करने की तैयारी घर में है — सही? — नहीं — छह महीने से पहले कुछ नहीं, दाल का पानी भी नहीं. छह महीने पर भी शुरुआत पतले पानी से नहीं, गाढ़े खाने से होती है — पर वह पूरा पाठ छह महीने वाले पन्ने का है. अभी की पूरी ख़ुराक वही एक है: दूध.

सवाल: आगे के हफ़्तों की यह शृंखला कहाँ मिलेगी? — पहले तीन महीने हफ़्ता-दर-हफ़्ता यहीं तक हैं — आगे की राह 'महीने-दर-महीने विकास' के पन्ने पर चलती है (ऊपर 'संबंधित लेख' में है). हफ़्तों की गिनती की अब ज़रूरत भी नहीं — अगले पड़ाव महीनों के हैं, और आप अब पुराने खिलाड़ी हैं.

शिशु का विकासबेबी डेवलपमेंट वीक बाय वीकनवजात की देखभालपहले तीन महीने

समीक्षा

  • Nakul PhatakCEO, theAsianparent India & Indonesia
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni ChuganiHead of Marketing, theAsianparent India & Singapore
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम