
पहली तिमाही की आख़िरी सीढ़ी. पीछे मतली और थकान के तीन महीने, आगे गर्भावस्था का सबसे आरामदेह दौर — दूसरी तिमाही, जिसे 'हनीमून पीरियड' यूँ ही नहीं कहते.
चालीस में से तेरह सप्ताह — एक तिहाई रास्ता पीछे छूट गया. और सबसे कठिन तिहाई यही थी: अंग बनने का नाज़ुक दौर, मतली, थकान, और हर छोटी बात पर लगने वाला डर.
अब आगे जो है, उसे प्रसूति की किताबें भी सबसे आसान दौर मानती हैं. दूसरी तिमाही में ज़्यादातर महिलाओं की मतली जा चुकी होती है, ताक़त लौट आती है, पेट अभी इतना बड़ा नहीं होता कि रोज़ के काम रोके — और इसी दौर में पहली हलचल महसूस होती है.
इसलिए इस हफ़्ते का असली काम योजना है: जो कुछ घूमना-निपटाना-तैयार करना है, वह दूसरी तिमाही में सबसे आसान रहेगा. उसकी सूची अभी बन जाए तो चौदहवें सप्ताह से अमल शुरू.
बच्चा अब मटर की फली नहीं — आड़ू जितना है: सात-साढ़े सात सेंटीमीटर, क़रीब पच्चीस ग्राम. सिर और शरीर का अनुपात अब तेज़ी से सुधर रहा है.
उँगलियों पर इस हफ़्ते की सबसे ख़ूबसूरत चीज़ बन रही है — उँगलियों के निशान. वही निशान जो दुनिया में किसी और के नहीं होंगे, गर्भ के तेरहवें हफ़्ते में बन जाते हैं.
आवाज़ की डोरियाँ (वोकल कॉर्ड्स) बन रही हैं — पहली किलकारी की तैयारी अभी से. आँतों ने गर्भनाल से पेट में अपनी अंतिम जगह ले ली है, और अग्न्याशय इंसुलिन बनाने लगा है.
ऊर्जा की वापसी इस हफ़्ते की सबसे बड़ी ख़बर है. हफ़्तों बाद खाना देखकर मन ख़ुश होता है, दोपहर की नींद की जकड़ ढीली पड़ती है, और घर के लोग कहते हैं — 'रंग लौट आया.'
स्तनों का भारीपन कम होगा पर वे बढ़ते रहेंगे — पुरानी ब्रा अब सचमुच बदलने का समय है. सही नाप की, बिना तार वाली ब्रा इन महीनों का सबसे सस्ता आराम है.
योनि से सफ़ेद पानी जैसा स्राव बढ़ना इस दौर में सामान्य है — यह संक्रमण से बचाव का शरीर का अपना इंतज़ाम है. रंग हरा-पीला हो, खुजली या बदबू हो — तब डॉक्टर को बताएँ; सादा सफ़ेद स्राव इलाज की चीज़ नहीं है.
दूसरी तिमाही की सूची बनाइए: कहीं जाना हो (मायका, कोई सफ़र) तो चौदह से अट्ठाईस सप्ताह की खिड़की सबसे सही; घर में कोई बड़ा काम कराना हो तो इसी दौर में; अस्पताल का चुनाव पक्का न हो तो दो-तीन जगह देख आना भी इसी सूची में.
अगली नियमित जाँच का समय लें — दूसरी तिमाही में मुलाक़ातें आम तौर पर महीने में एक बार होती हैं. हर मुलाक़ात में वज़न, बीपी और पेशाब की जाँच — यह तिकड़ी हर बार होगी, यही सामान्य है.
कैल्शियम की गोली अगर डॉक्टर ने लिखी है तो आयरन से अलग समय पर लें — दोनों साथ लेने पर एक-दूसरे का सोखना घटाते हैं. आम जोड़ी: आयरन दिन में, कैल्शियम रात में.
सोने की करवट अब बदलनी शुरू कीजिए — दूसरी तिमाही से करवट (ख़ासकर बायीं) पीठ के बल लेटने से बेहतर है. एक पतला तकिया घुटनों के बीच और एक कमर के पीछे — यह जुगाड़ महँगे 'प्रेगनेंसी पिलो' जितना ही काम करता है.
इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.
| बात | तेरहवें सप्ताह में |
|---|---|
| मुख्य घटना | पहली तिमाही पूरी — एक तिहाई सफ़र पीछे |
| बच्चे का आकार | आड़ू जितना — क़रीब 7.5 सेंटीमीटर, 25 ग्राम |
| इस हफ़्ते बना | उँगलियों के निशान, आवाज़ की डोरियाँ |
| आपके मुमकिन लक्षण | ऊर्जा की वापसी, बढ़ता सफ़ेद स्राव, बढ़ते स्तन |
| योजना | सफ़र, अस्पताल का चुनाव, घर के काम — दूसरी तिमाही में |
| दवा का समय | आयरन और कैल्शियम अलग-अलग वक़्त पर |
| नई आदत | करवट लेकर सोना — घुटनों के बीच तकिया |
रक्तस्राव, बढ़ता दर्द, तेज़ बुख़ार, पेशाब की जलन — पुरानी सूची जस की तस लागू है. स्राव हरा-पीला हो, झाग या बदबू वाला हो, या खुजली-जलन साथ हो — यह संक्रमण है और इसका इलाज गर्भ में ज़रूरी है, वैकल्पिक नहीं.
अब से एक नई चीज़ पर भी नज़र: पिंडली में एक तरफ़ सूजन, लाली और दबाने पर दर्द — ख़ून का थक्का (DVT) गर्भ में ज़्यादा मुमकिन होता है. यह दिखे तो पैर दबवाने मत बैठिए — उसी दिन डॉक्टर.
यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.
आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.
यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.
सवाल: तिमाही की गिनती में कोई कहता है 12 सप्ताह, कोई 13, कोई 14 — सही क्या? — किताबें भी बँटी हुई हैं; यह सिर्फ़ खाने बाँटने का फ़र्क़ है. हमारी गिनती में 1-13 पहली, 14-27 दूसरी, 28-40 तीसरी. आपके डॉक्टर जो गिनती चलाएँ, वही आपकी.
सवाल: अब कौन सी जाँचें बाक़ी हैं? — बड़ी दो: अठारह से बाईस सप्ताह में एनॉमली स्कैन, चौबीस से अट्ठाईस में शुगर की जाँच (GTT). बीच की मुलाक़ातों में वज़न-बीपी-पेशाब चलता रहेगा. Rh नेगेटिव हों तो अट्ठाईस सप्ताह का इंजेक्शन भी सूची में.
सवाल: व्रत-उपवास रख सकती हूँ? — लंबा निर्जला उपवास गर्भ में ठीक नहीं — पानी और भोजन दोनों नियमित चाहिए. आस्था रखनी हो तो फलाहारी रूप चुनें और डॉक्टर से पूछ लें. ज़्यादातर पंडित भी गर्भवती को छूट की ही सलाह देते हैं.
सवाल: मन अब भी डरता है — हर स्कैन तक साँस अटकी रहती है. यह सामान्य है? — बहुत सामान्य, ख़ासकर पहले कुछ भी खोया हो तो. आशंका के आँकड़े अब आपके साथ हैं, पर मन आँकड़ों से नहीं चलता. डर रोज़ के काम रोकने लगे तो डॉक्टर से कहिए — गर्भ में मन की सेहत भी उतनी ही देखने की चीज़ है.
प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम
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