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गर्भावस्था का आठवाँ सप्ताह: बच्चा हिलने लगा है — भले आपको पता न चले

गर्भावस्था · theAsianparent · अपडेट किया गया

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गर्भावस्था का आठवाँ सप्ताह: बच्चा हिलने लगा है — भले आपको पता न चले

स्क्रीन पर बच्चा अब झटके से हिलता दिखता है — पर आपको महसूस होने में अभी महीनों हैं. डेटिंग स्कैन की खिड़की खुल चुकी है, और यही इस हफ़्ते का सबसे ज़रूरी काम है.

पहली हरकत, जो सिर्फ़ मशीन देखती है

इस हफ़्ते के स्कैन में कभी-कभी वह दिखता है जो पहली बार देखने वाले को चौंका देता है — नन्हा सा शरीर अचानक झटके से हिलता है. बच्चा हिलना शुरू कर चुका है.

ये हरकतें अभी बिजली की झपकी जैसी हैं — बिना इरादे की, नसों और मांसपेशियों की आपसी जान-पहचान. आप इन्हें महसूस नहीं कर सकतीं; उसके लिए अठारह-बीस सप्ताह लगेंगे, जब बच्चा इतना बड़ा होगा कि उसकी हरकत पेट की दीवार तक पहुँचे.

इधर आपके लिए यह हफ़्ता काग़ज़ी कामों का है — पर ये वो काग़ज़ हैं जो अगले सात महीने काम आएँगे. डेटिंग स्कैन और पहली जाँचों का पूरा दौर इसी खिड़की में बैठता है.

इस सप्ताह आपका बच्चा

भ्रूण अब राजमा के दाने जितना है — डेढ़ सेंटीमीटर से ऊपर. 'पूँछ' लगभग जा चुकी है, और शक्ल अब पहचान में आने लायक़ इंसानी हो चली है.

उँगलियाँ अलग होनी शुरू हो गई हैं — हाथ की पहले, पैर की पीछे-पीछे. आँखों पर पलकों की झिल्ली चढ़ रही है, जो अब छठे महीने तक बंद रहेगी. कान का बाहरी हिस्सा आकार ले रहा है.

भीतर हर अंग या तो बन चुका है या बनने की क़तार में है — दिल चार खानों की ओर बढ़ रहा है, गुर्दे अपनी जगह ले रहे हैं, और हड्डियों की जगह अभी नरम कार्टिलेज है, जो धीरे-धीरे सख़्त होगी.

आपके शरीर में बदलाव

गर्भाशय अब मुट्ठी के आकार से बढ़कर बड़े संतरे जितना हो गया है. बाहर से पेट अब भी वैसा ही दिखता है — पर कमरबंद ज़रा कसने लगे तो हैरान मत होइए.

बार-बार पेशाब इस हफ़्ते और बढ़ती है — बढ़ता गर्भाशय मूत्राशय पर टिका है. पानी कम करने का इलाज मत कीजिए; कम पानी से पेशाब का संक्रमण होता है, जो गर्भ में सचमुच की दिक़्क़त है.

मतली-थकान का दौर जारी है — नौवें सप्ताह के आसपास यह चोटी छूकर उतरना शुरू करेगा. जो महिलाएँ इन हफ़्तों में 'मैं ही कमज़ोर हूँ' सोचने लगती हैं, उनके लिए एक ही वाक्य: यह कमज़ोरी नहीं, निर्माण-काल है.

इस सप्ताह क्या करना है

डेटिंग स्कैन करा लें — आठ से तेरह सप्ताह की खिड़की सबसे सटीक तारीख़ देती है. यही तारीख़ आगे NT स्कैन, एनॉमली स्कैन और शुगर-जाँच का पूरा कैलेंडर तय करेगी, इसलिए यह स्कैन 'बाद में देखेंगे' वाली चीज़ नहीं है.

पहली जाँचों का दौर पूरा करें: हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप-Rh, शुगर, थायरॉइड, HIV, हेपेटाइटिस बी, सिफ़लिस, पेशाब. Rh नेगेटिव निकले तो घबराना नहीं — बस यह जानकारी फ़ाइल में दर्ज रहे; 28वें सप्ताह पर इसका एक इंजेक्शन आता है.

आयरन की गोली अगर अब तक शुरू नहीं हुई, तो डॉक्टर से पूछकर शुरू करें — खाने के साथ नहीं, और चाय-दूध के साथ तो बिल्कुल नहीं; नींबू-पानी या सादे पानी से, खाने से घंटे भर आगे-पीछे. पेट गड़बड़ लगे तो रात में लेना आज़माएँ.

MCP कार्ड बन गया हो तो हर जाँच की तारीख़ और नतीजा उसी में दर्ज कराते चलें. सरकारी-निजी जहाँ भी दिखाएँ, वह कार्ड साथ रहे — यही आपकी चलती-फिरती फ़ाइल है.

आठवाँ सप्ताह: एक नज़र में

इस सप्ताह की ज़रूरी बातें एक जगह. आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर इनमें बदलाव बता सकते हैं.

बातआठवें सप्ताह में
मुख्य घटनाबच्चे की पहली हरकतें — सिर्फ़ स्कैन में दिखती हैं
बच्चे का आकारराजमा के दाने जितना — क़रीब 1.5 सेंटीमीटर
बन रहा हैअलग होती उँगलियाँ, पलकों की झिल्ली, चार खानों का दिल
स्कैन की खिड़कीडेटिंग स्कैन: 8 से 13 सप्ताह — सबसे सटीक तारीख़
जाँचों की सूचीख़ून की पूरी जाँचें + पेशाब — सरकारी केंद्र पर मुफ़्त
आयरन की गोलीचाय-दूध से दूर; नींबू-पानी के साथ बेहतर सोखती है
चलता रहेफ़ोलिक एसिड रोज़; MCP कार्ड हर जगह साथ

डॉक्टर से तुरंत कब मिलना है

रक्तस्राव और मरोड़ की हिदायत जस की तस — उसी दिन डॉक्टर. साथ में यह भी: पेशाब में जलन, बार-बार थोड़ी-थोड़ी पेशाब और बुख़ार — पेशाब के संक्रमण की तिकड़ी है, और गर्भ में उसका इलाज टाला नहीं जाता.

जिन्हें पहले से शुगर, बीपी, थायरॉइड या मिर्गी है — और पहली मुलाक़ात अब तक नहीं हुई — उनके लिए यह हफ़्ता 'जल्दी' नहीं, 'देर होने से पहले की आख़िरी घंटी' है. पुरानी बीमारी वाली गर्भावस्था की निगरानी पहले दिन से अलग चलती है.

यह लेख सिर्फ़ सामान्य जानकारी के लिए है. यह व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह की जगह नहीं ले सकता. आपकी सेहत, चल रही दवाएँ और पिछली गर्भावस्थाओं का अनुभव देखकर सलाह वही दे सकते हैं — आपके स्त्री-रोग विशेषज्ञ या नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर.

अपनी डिलीवरी की तारीख़ निकालें

आख़िरी माहवारी शुरू होने का पहला दिन और चक्र की लंबाई डालें — प्रसव की अनुमानित तारीख़, आज कौन सा सप्ताह चल रहा है और एनॉमली स्कैन कब कराना है, सब यहीं दिखेगा.

यह सिर्फ़ अनुमान है — ज़्यादातर बच्चे ठीक उसी तारीख़ पर पैदा नहीं होते. पहले तीन महीनों में हुआ स्कैन इससे सटीक तारीख़ बताता है; आख़िर में आपके डॉक्टर जो कहें, वही सही.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डेटिंग स्कैन पेट से होगा या अंदर से?

इन हफ़्तों में अक्सर अंदर से (ट्रांसवजाइनल) — भ्रूण अभी इतना छोटा है कि यही तरीक़ा साफ़ देखता है. यह सुरक्षित है और गर्भ को कोई नुक़सान नहीं करता.

स्कैन की तारीख़ मेरी गिनती से अलग निकली

कौन सी मानूँ? — स्कैन की, अगर फ़र्क़ हफ़्ते भर से ज़्यादा है. शुरुआती स्कैन की तारीख़ ही आगे की सारी जाँचों की बुनियाद बनती है — दो तारीख़ें साथ लेकर मत चलिए.

बार-बार स्कैन कराने से बच्चे को नुक़सान होता है?

अल्ट्रासाउंड के चिकित्सा-इस्तेमाल से नुक़सान का प्रमाण नहीं है. हाँ, बिना ज़रूरत बार-बार स्कैन की ज़रूरत भी नहीं — जो डॉक्टर लिखें, उतना ठीक.

आयरन की गोली से क़ब्ज़/काला पैख़ाना

बंद कर दूँ? — काला रंग सामान्य है, बंद करने की वजह नहीं. क़ब्ज़ हो तो पानी-रेशा बढ़ाएँ और डॉक्टर से कहें — गोली का ब्रांड या समय बदलने से अक्सर बात बन जाती है. बिना बताए बंद करना एनीमिया की तरफ़ पहला क़दम है.

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स्रोत

इस पन्ने का हर चिकित्सकीय आँकड़ा नीचे दी गई गाइडलाइनों से लिया गया है. आपके डॉक्टर की बात अलग हो तो पूछिए कि वे कौन-सी गाइडलाइन मानते हैं.

  1. WHO. WHO Antenatal Care Recommendations for a Positive Pregnancy Experience (2016)
    Backs the recommendation for early antenatal blood investigations (haemoglobin, blood group/Rh, HIV, syphilis, hepatitis B, urine) and the clinical importance of iron supplementation in pregnancy, including guidance against delaying first contact for women with pre-existing conditions.
  2. MoHFW. Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan – Antenatal Care Protocol / MCP Card Guidelines (2016)
    Supports the recommendation to maintain the Mother and Child Protection (MCP) card, recording all investigation dates and results, and the standard first-trimester investigations listed (Hb, blood group-Rh, sugar, thyroid, HIV, hepatitis B, syphilis, urine); also backs the anti-D injection at 28 weeks for Rh-negative mothers.
  3. ICMR. ICMR Dietary Guidelines for Indians – Nutrient Requirements During Pregnancy (2020)
    Supports guidance on iron tablet administration — taken away from tea, milk, and food, and best absorbed with citrus/water — and the warning that stopping iron supplementation without medical advice risks anaemia in pregnancy.
  4. NICE. Antenatal Care (NICE Guideline NG201) (2021)
    Backs the recommendation that dating ultrasound be performed between 8–13 weeks for most accurate gestational age assessment, that the scan-derived date should be used in preference to LMP when there is a discrepancy of more than 7 days, and that transvaginal ultrasound is safe and appropriate in early pregnancy.
  5. RCOG. Green-top Guideline No. 65: The Management of Women with Red Cell Antibodies during Pregnancy (2014)
    Supports the page's statement that Rh-negative status identified at booking does not require alarm but must be documented, with anti-D prophylaxis administered at 28 weeks of gestation.

समीक्षा

  • Nakul Phatak — सीईओ, theAsianparent इंडिया और इंडोनेशिया
    theAsianparent इंडिया के प्रमुख; एक बच्चे के पिता
  • Roshni Chugani — मार्केटिंग प्रमुख, theAsianparent इंडिया और सिंगापुर
    मां और शिशु क्षेत्र में 12 वर्षों का अनुभव; दो बच्चों की मां

प्रकाशक: theAsianparent संपादकीय टीम