इंडिया गेट, दिल्ली
दिल्ली का इंडिया गेट — देश के लिए जान देने वाले सिपाहियों की याद में बनी ऊँची मेहराब. पास में शाम को लोग घूमने और आइसक्रीम खाने आते हैं.

मुफ़्त. A4 काग़ज़ पर छपने के आकार का. छपाई के डिब्बे में ‘ब्लैक ऐंड व्हाइट’ चुन लें तो रंगीन स्याही बचती है. स्कूल और आँगनवाड़ी के लिए जितनी चाहिए प्रतियाँ निकालें.
रंग भरते-भरते क्या बात करें
बच्चा चित्र में रमा होता है, वही दस मिनट शब्द आसानी से भीतर जाते हैं — पाठ नहीं लगते इसलिए. ये पूछकर देखिए:
- यह दरवाज़ा किसी घर का नहीं है — फिर इतना बड़ा क्यों बना?
- इसके नीचे एक लौ हमेशा जलती रहती है — किसकी याद में?
- तुम्हारे शहर में सबसे ऊँची चीज़ क्या है?
यह चित्र जो शब्द सिखाता है
रंग भरते समय हर चीज़ का नाम हिंदी में बोलिए, और साथ में अंग्रेज़ी नाम भी — दोनों एक साथ सुनकर बच्चा दोनों सीख लेता है. जवाब किसी भी भाषा में आए, टोकने मत बैठिए.
मेहराबसिपाहीयादलौदिल्ली
किस उम्र के लिए
दो साल का बच्चा पूरे काग़ज़ पर आड़ी-तिरछी लकीरें खींचेगा — वही ठीक है, उस उम्र का काम ही वह है. तीन साल में आकार पहचान में आते हैं, पर रंग लकीर के बाहर जाता है. चार-पाँच साल में लकीर के भीतर रहना आने लगता है. उम्र कोई भी हो, ‘लकीर के अंदर भरो’ कहकर टोकिए मत — फिर वह खेल नहीं, काम बन जाता है.
इसी सेट के और चित्र
कुल 39 चित्र हैं — सभी देखें.

ताजमहल, आगरा
लाल क़िला, दिल्ली
क़ुतुब मीनार, दिल्ली
हवा महल, जयपुर
आमेर का क़िला, जयपुर
वाराणसी के घाट